भारत-यूएई ने जमकर पाक पर साधा निशाना, आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ेंगे

नई दिल्ली ( 27 जनवरी ): पाकिस्तान का बिना लिए भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने उस पर जमकर हमला बोला। अन्य देशों के खिलाफ आतंकवाद प्रायोजित करने के लिए धर्म के इस्तेमाल के कुछ देशों के प्रयासों की निंदा की और इस समस्या से निपटने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने का संकल्प लिया है।

गुरुवार को भारत-यूएई के साझा बयान में बताया गया कि दोनों पक्षों ने घृणा फैलाने और आतंकवादी मंसूबों को अंजाम देने के लिए समूहों और देशों द्वारा चरमपंथ और धर्म का दुरुपयोग करने से निपटने के प्रयासों का समन्वय तरीके से मुकाबला करने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अबु धाबी के शहजादे शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने बुधवार को द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर व्यापक वार्ता की थी। इसके बाद दोनों देशों ने एक व्यापक रणनीतिक भागीदारी समझौते और रक्षा, सुरक्षा, व्यापार और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में एक दर्जन से ज्यादा समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे। आतंकवाद निरोध, सूचना साझा करने और क्षमता निर्माण में बढ़ते द्विपक्षीय सहयोग पर संतोष जताते हुए दोनों पक्षों ने विश्वास जताया कि ये प्रयास क्षेत्रीय और वैश्विक शांति और सुरक्षा में योगदान देंगे।

भारतीय पक्ष ने जनवरी 2016 में पठानकोट में वायु सेना के ठिकाने और सितंबर 2016 में उड़ी में आर्मी कैंप पर आतंकी हमले के बाद यूएई द्वारा दिखाई गई एकजुटता की काफी सराहना की। वक्तव्य में कहा गया कि मोदी और अल नाहयान ने काबुल और कंधार में 10 जनवरी को हुए आतंकवादी हमलों की जोरदार निंदा की और दोषियों को न्याय के दायरे में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया। मोदी ने इन हमलों में यूएई और अफगानिस्तान के नागरिकों की हुई मौत पर अपनी तरफ से शोक प्रकट किया और हमलों में घायल यूएई के राजनयिकों के जल्द ठीक होने की कामना की। दोनों पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के प्रासंगिक सिद्धांतों और उद्देश्यों के अनुसार आतंकवादी नेटवर्कों, उनके वित्तपोषण और गतिविधियों को बाधित करने के प्रयासों के महत्व पर गौर किया।