UAE ऑयल रिजर्व डील से भारत को होगा ये फायदा, जानें बड़ी बातें

नई दिल्ली ( 27 जनवरी ): भारत अपनी ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से बुधवार को यूएई से ऑयल रिजर्व तैयार करने को लेकर अहम करार किया। इसके तहत भारत की कुल पेट्रोलियम जरूरत का छठा हिस्सा ऑयल रिजर्व में उपलब्ध रहेगा।

जानें बड़ी बातें

- भारत सरकार ने यूएई के साथ डील में उसे कर्नाटक के मैंगलोर की अंडरग्राउंड क्रूड ऑयल स्टोरेज फैसिलिटी के आधे हिस्से को भरने की अनुमति दी गई है।

- यह डील भारत सरकार के रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व सिस्टम का हिस्सा है। इस सिस्टम के तहत 36.87 मिलियन बैरल कच्चे तेल को स्टोर किया जा सकेगा। इससे आपातकालीन स्थिति में 10 दिन तक देश की औसत तेल जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा।

- यूएई की अबु धाबी नेशनल ऑयल कंपनी मैंगलोर में 6 मिलियन बैरल ऑयल स्टोर करेगी। इस साइट पर कुल स्टोरेज क्षमता का यह आधा हिस्सा होगा।

- अबु धाबी नेशनल ऑयल कंपनी और इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व लिमिटेड के बीच भारत में ऑयल स्टोरेज और मैनेजमेंट को लेकर यह दूसरा करार है। 2017 की आखिरी तिमाही से अबु धाबी की कंपनी की ओर से भारत को कच्चे तेल की सप्लाइ शुरू कर दी जाएगी।

- तीन साल पहले भारत सरकार ने अपनी रणनीतिक तेल स्टोरेज क्षमता का एक हिस्सा दुबई की इस कंपनी को लीज पर देने के लिए बातचीत की शुरुआत की थी।

- देश की इकॉनमी को सुरक्षा प्रदान करने और आपात स्थिति में राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाए रखने के लिहाज से यह डील बेहद महत्वपूर्ण है। इन क्रूड ऑयल इन्वेंट्रीज को किसी देश की सरकार या फिर प्राइवेट इंडस्ट्री के द्वारा भी संचालित किया जा सकता है।