5जी इंटरनेट पर काम शुरू, इतने समय बाद मिलने लगेगी सेवा

नई दिल्ली (15 जुलाई): अभी तक देशवासी 4जी इंटरनेट का मजा उठा रहे हैं, लेकिन जल्द ही देश में 5जी इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध होगी। टेलिकॉम मिनिस्टर मनोज सिन्हा का कहना है कि 2022 तक नॉर्थ अमेरिका के साथ अगली पीढ़ी की तकनीक के लिए दुनिया का नेतृत्व कर सकता है।

सिन्हा ने कहा कि सरकार की अगली दूरसंचार नीति भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखेगी, स्मार्टफोन के बढ़ते इस्तेमाल में डेटा का योगदान किसी भी अन्य माध्यम से ज्यादा का होगा। टेलिकॉम मिनिस्टर ने कहा, 'हमें इस बारे में सोचने और ऐसे इकॉसिस्टम के लिए तैयार रहने की जरूरत है, जहां इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI) मुख्यधारा का हिस्सा होंगे। सहज कनेक्टिविटी, ई-गवर्नेंस और एजुकेशन में बड़ी भूमिका निभाएगा, इसके अलावा वित्तीय समावेशन, स्मार्ट सिटी, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्ट के साथ अन्य चीजों में भी साहयक होगा।' उन्होंने ने कहा कि उद्योगों की संख्या के मामले में 5G डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की स्पीड बढ़ा देगा।

सरकार ने 5G तकनीक लॉन्च करन की तैयारी पहले से ही शुरू कर दी है। टेलिकॉम डिपार्टमेंट ने हाल ही में सेक्टर रेग्युलेटर से 3400MHz-3600MHz बैंड्स के बीच 5G एयरवेव्स की शुरुआती कीमतों को लेकर सुझाव मांगा है, जिससे अगली नीलामी में शुरुआत की जा सके। सिन्हा ने कहा कि यह समय की मांग है कि डिजिटल युग के लिए तैयारी कर ली जाए।

सिन्हा ने कहा, 'चाहे ब्रॉडबैंड स्पैक्ट्रम हो, इंटरनेट अडॉप्शन या उपलब्धता, डेटा प्रॉटेक्शन या साइबर सिक्यॉरिटी, जो पांच साल पहले जरूरी था अब उसका कोई औचित्य नहीं है। ऐसे में सरकार भविष्य की नीतियों पर काम कर रही है।  इसके साथ ही देश को जरूरत है कि वह भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए खुद को सक्षम बनाए। ' उन्होंने कहा, 'यह बिजनेस बढ़ाता है, बैंकिंग सुविधाओं में सुधार करता है, प्रशासनिक सुविधाओं में सुधार करता है और जनता को पूर्ण रूप में सशक्त बनाता है। ब्रॉडबैंड का विकास ही डिजिटल इंडिया का आधार है और डिजिटल इंडिया की शुरुआत से हर भारतीय और दूरदराज के इलाके को सशक्त बनाना है।'