70 साल में पहली बार भारत की ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक जीत, धोनी बने जीत के हीरो

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (18 जनवरी): भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आज मेलबर्न के ऐतिहासिक एमसीजी ग्राउंड पर तीन मैचों की वनडे सीरीज पर भारत ने कब्जा जमा लिया है। मेलबर्न वनडे में ऑस्ट्रेलिया को 7 विकेट से मात देकर भारत ने ऑस्ट्रेलिया की धरती पर पहली बार कोई बाइलैटरल (द्विपक्षीय) वनडे सीरीज जीतने का विराट कारनामा किया है।

भारत ने कंगारुओं की धरती पर पहली बार कोई बाइलैटरल (द्विपक्षीय) वनडे सीरीज में जीत हासिल की है। इस वनडे सीरीज जीत के साथ ही भारत ने 2018-2019 ऑस्ट्रेलियाई दौरे का अंत बिना कोई सीरीज गंवाए किया है। यह पहला मौका है जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया में एक ही दौरे पर दो सीरीज (टेस्ट और वनडे) अपने नाम की है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत ने तीन मैचों की टी-20 सीरीज 1-1 की बराबरी पर खत्म की। उसके बाद टेस्ट सीरीज में 2-1 से ऐतिहासिक जीत दर्ज की और अब वनडे इंटरनेशनल सीरीज भी भारत 2-1 से जीतने में कामयाब रहा।

भारत ने टॉस जीतकर इस निर्णायक मैच में ऑस्ट्रेलिया को बल्लेबाजी का न्यौता दिया। युजवेंद्र चहल के छह विकेटों की बदौलत भारत ने मेजबान टीम को 48.4 ओवर में 230 पर ऑल आउट कर दिया। जवाब में टीम इंडिया ने 49.2 ओवर में 231 रन बनाकर मैच और सीरीजअपने नाम की।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया पर ऑस्ट्रेलियाई बोलर्स ने शुरू से ही दबाव बनाए रखा। रोहित शर्मा 17 गेंदों पर 9 रन बनाकर आउट होने वाले पहले बल्लेबाज रहे। टीम का स्कोर तब 6 ओवर में 15 रन था। इसके बाद बल्लेबाजी करने उतरे कप्तान विराट कोहली ने शिखर धवन के साथ मिलकर भारतीय पारी को पटरी पर लाने का काम किया। दोनों ने मिलकर दूसरे विकेट के लिए 45 रन जोड़े लेकिन इसके लिए उन्होंने 10.2 ओवर खेले। धवन 46 गेंदें खेलकर 23 रन बनाकर मार्कस स्टॉयनिस की गेंद पर उन्हीं को कैच थमा बैठे। उन्होंने अपनी पारी में तीन चौके लगाए।

कोहली का साथ देने महेंद्र सिंह धोनी उतरे। कोहली और धोनी ने तीसरे विकेट के लिए 54 रनों की साझेदारी की लेकिन ये दोनों बल्लेबाज भी रनगति को रफ्तार नहीं दे पाए। दोनों ने ये रन जोड़ने के लिए 13.4 ओवर बल्लेबाजी की।  ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। विकेट पर स्ट्रोक खेलना आसान नहीं लग रहा था और कंगारू बोलर्स ने भारतीय बल्लेबाजों को हाथ नहीं खोलने दिए। कोहली जाय रिचर्डसन की गेंद पर विकेट के पीछे एलेक्स कैरी के हाथों लपके गए। उन्होंने 62 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 46 रन बनाए।  

महेंद्र सिंह धोनी ने एक छोर जरूर संभाले रखा लेकिन वह बड़े शॉट्स नहीं खेल पा रहे थे। ऐसे में उन्हें केदार जाधव का साथ मिला। जाधव ने शुरुआत में जमने में वक्त लिया लेकिन बाद में उन्होंने हाथ दिखाए और भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने भी हाफ सेंचुरी लगाई। धोनी पिछले मुकाबे की तरह इस बार भी नाबाद रहे। उन्होंने 87 रनों की शानदार पारी खेली। वहीं दूसरी ओर जाधव ने भी 61 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली।