रियो ओलंपिक: दो बार की हॉकी चैंपियन जर्मनी के सामने भारत को संभल कर खेलना होगा

नई दिल्ली (8अगस्त):  भारतीय पुरुष हॉकी को ओलिंपिक  में 12 साल बाद शुरुआती मैच में जीत दर्ज करने के बाद कल पूल ‘बी’ के अपने दूसरे मैच में मौजूदा ओलिंपिक चैम्पियन जर्मनी की ताकत की चुनौती से पार पाना है तो खिलाड़ियों को अपने खेल में सुधार करना होगा। भारत को शनिवार को कमजोर आयरलैंड ने कड़ी टक्कर दी, जिसके खिलाफ उसने 3-2 से जीत दर्ज की जो ओलिंपिक  में 12 साल बाद उनकी पहली जीत थी।

 सोमवार को भारतीय टीम जर्मनी के खिलाफ इसी तरह की गलतियां करने का जोखिम नहीं उठा सकती, विपक्षी टीम ओलिंपिक  स्वर्ण की हैट्रिक बनाने पर निगाह लगाए है। वह पिछले 2008 बीजिंग और 2012 लंदन ओलिंपिक  में स्वर्ण पदक जीत चुकी है।  जर्मनी के खिलाफ ओलिंपिक  में भारत का रिकॉर्ड भी उनके पक्ष में नहीं है। भारत ने जर्मनी के खिलाफ ओलिंपिक  में अंतिम मैच 1996 अटलांटा खेलों में जीता था जिसमें उन्होंने शुरुआती मैच में 3-0 से जीत दर्ज की थी। सिडनी और एथेंस में भारत,  जर्मनी से नहीं खेला था क्योंकि वह अलग पूल में था। हालांकि चार साल पहले लंदन में जर्मनी ने भारत को 5-2 से शिकस्त दी थी।