अमेरिका के खिलाफ शिकायत दर्ज़ करवायेगा भारत

नई दिल्ली (12मई): डब्ल्यूटीओ में भारत अमेरिका के खिलाफ 16 मामलों में संधियों के उल्लंघन का मामला दर्ज करवायेगा। इसकी वजह बताई गई है कि रिन्युएबल एनर्जी सेक्टर से जुड़े अमेरिका के कुछ प्रोग्राम ग्‍लोबल स्‍टैंडर्ड के मुताबिक नहीं हैं। सरकार की तरफ से संसद में यह जानकारी दी गई। कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत मानता है कि अमेरिका के कुछ रिन्युएबल एनर्जी प्रोग्राम डब्ल्यूटीओ प्रोविजंस का पालन नहीं करते हैं। इनमें मुख्य रूप से जीएटीटी (जनरल एग्रीमेंट ऑन टैरिफ एंड ट्रेड) 1994, एग्रीमेंट ऑन सब्सिडीज एंड काउंटरवेलिंग मेजर्स एंड/ऑर ट्रिम्स (ट्रेड रिलेटेड इन्वेस्टमेंट मेजर्स) एग्रीमेंट शामिल हैं।

निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत ने डिसप्यूट सेटलमेंट पैनल के नतीजों और सिफारिशों पर डब्ल्यूटीओ की अपिलेट बॉडी के सामने अपील की है। उन्होंने कहा, अमेरिका के ट्रेड एक्ट, 1974 के तहत जारी स्पेशल 301 रिपोर्ट एक तरह से ट्रिप्स (ट्रेड रिलेटेड एसपेक्ट्स ऑफ इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स) एग्रीमेंट, आईपीआर प्रोटेक्शन बढ़ाने के लिए दूसरे देशों पर दबाव बनाने का तरीका है। बीते महीने अमेरिका की सालाना 301 रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत और चीन को आईपीआर के लिए वाच लिस्ट में प्रायोरिटी में रखा गया है। जिस पर भारत ने तीव्र प्रतिक्रिया जतायी थी।