रूस से पांचवी पीढी के सुखोई टी-50 लड़ाकू विमान खरीदेगा भारत

नई दिल्ली (11 जुलाई):  भारत और ऱूस की रक्षा और रणनीतिक साझेदारी एक नये युग में कदम रखने वाली है। यह नया युग पांचवीं पीढ़ी के सुपर सुखोई लड़ाकू विमानों की आपूर्ति समझौते से शुरु हो रहा है। रक्षा सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान और चीन की चुनौतियों को देखते हुए भारत को कम से कम 42 नये लड़ाकू विमानों की आवश्यकता है।

हालांकि सरकार ने हाल ही में 7.8 बिलियन डॉलर्स में 36 रैफल लड़ाकू विमानों की डील फ्रांस से की है। लेकिन दुश्मनों की रणनीति को देखते हुए ये संख्या काफी कम है। रक्षा सूत्रों के मुताबिक भारत ने बहुआयामी रणनीति अपनाते हुए अमेरिकी एफ-18 और एफ-16 लड़ाकू विमानों के बाद दूसरी पंक्ति के तेजस विमानों को अपने बेडे़ में शामिल किया है। हालांकि ये सभी चौथी पीढी के जहाज हैं। अगर पाकिस्तान और चीन की चुनौतियों से निपटना है तो सुखोई टी-50 तुरंत शामिल करना जरूरी है।