भारत रोक सकता है सिंधु नदी का पानी, मर जाएगा पाकिस्तान

नई दिल्ली (22 सितंबर): उरी में सेना के कैंप पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने हर तरफ से पाकिस्तान को घेरना शुरू कर दिया है। इसी को लेकर भारत ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि वह सिंधु नदी का पानी भी रोक सकता है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप से जब पूछा गया कि क्या भारत 1960 में पाकिस्तान के साथ की गई 'पानी संधि' को भी तोड़ सकता हैं तो उन्होंने जवाब दिया कि कोई भी निरंतर सहयोग आपसी विश्वास पर ही आधारित होता है।

क्या है “सिन्धु जल समझौता” 1960 में हुई इस सिंधु जल संधि ने पाकिस्तान के लिए तीन सबसे बड़ी नदियों को सुरक्षित कर दिया। सिंधु नदी प्रणाली के कुल पानी का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा पाकिस्तान के खाते में चला गया, जबकि सिर्फ 19.48 प्रतिशत भाग ही भारत के हाथ आया।

दुनिया में यह एकमात्र ऐसी अंतरदेशीय जल संधि है जो संप्रभुता के सिद्धांत को नकारती है। यह जिस देश से नदी निकलती है उस देश को, पानी के बहाव वाले देश के पक्ष में अपना हक त्यागने को बाध्य करती है। इसके विपरीत चीन का अपने यहां से निकलने वाली नदियों के पानी पर पूरा प्रभुत्व है। वह खुलेआम यह कह भी चुका है कि उसका अपने यहां से निकलने वाली नदियों के पानी पर पूर्ण अधिकार है। वह नदी के बहाव क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभाव की परवाह नहीं करता। यही वजह है कि चीन ने अपने 13 पड़ोसी देशों के साथ जल साझेदारी का कोई समझौता नहीं किया।

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