जानिए भारत के 'अग्नि-5' से क्यों डरे चीन और पाकिस्तान

नई दिल्ली ( 18 जनवरी ): भारत ने गुरुवार को बड़ी सफलता हासिल की है। भारत ने अपनी परमाणु क्षमता से लैस मिसाइल अग्नि-5 का सफल परीक्षण किया। यह एक अंतर-महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) है। भारत में विकसित अग्नि-5 6000 किलोमीटर से अधिक दूरी तक के लक्ष्य को भेदने में सक्षम है। अग्नि 5 कई हथियार ले जाने में सक्षम होगी। परमाणु क्षमता से लैस इस मिसाइल की रेंज में पूरा चीन और पाकिस्तान आएंगे।

आईए बताते हैं इस मिसाइल की खूबियां... 

-ये अग्नि 5 मिसाइल कई हथियार ले जाने में सक्षम होने के साथ ही दुश्मन के ठिकाने के बर्बाद करने और उसके एंटी बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम को भी बर्बाद करने की क्षमता रखती है । 

-परमाणु ताकत से लैस इस मिसाइल की जद में पूरा चीन और पाकिस्तान है।

-अग्नि के सफल परिक्षण से साफ है कि हिंदुस्तान की फौज अग्नि की ताकत के दम पर दुश्मन के किसी भी खतरनाक मंसूबे को आसानी से कुचल देगी।

-भारतीय फौज के पास अग्नि सीरिज की कई मिसाइलें हैं। इन मिसाइलों को देश में ही डीआरडीओ ने विकसित किया है। 

-अग्नि-1 (मारक क्षमता 1000 किमी), अग्नि-2 ( मारक क्षमता 2000 किमी), अग्नि-3 (मारक क्षमता 3000 किमी), अग्नि-4 ( मारक क्षमता 4000 किमी) और अग्नि-5 (मारक क्षमता 6000 किमी) मिसाइलों को चीन और पाकिस्तान की किसी भी चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार किया गया है।  

-आज हिंदुस्तान ने जिस अग्नि मिसाइल का परिक्षण किया है। उसकी गति आवाज की गति से 24 गुना ज्यादा है। अग्नि-5 मिसाइल की ऊंचाई 17 मीटर और व्यास 2 मीटर है। इसका वजन 50 टन और यह डेढ़ टन तक परमाणु हथियार ढोने में सक्षम है। 

-दुनिया के बेहद कम देशों के पास अग्नि मिसाइल जैसी ताकत मौजूद है। आज के सफल परिक्षण के बाद हिंदुस्तान की इस सबसे लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइल की ताकत और बढ़ गई है।  

-अग्नि-5 असल में तीन चरणों वाली मिसाइल है जिसमें ठोस ईंधन का इस्तेमाल किया जाता है। 

-अग्नि-5 को एमआईआरवी यनी (मल्टिपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल रीएंट्री वीइकल) मिसाइल भी कहते हैं, क्योंकि अग्नि-5 कई दिशाओं में एक साथ निशाना लगा कर छोड़ी जाने वाली मिसाइल है। अग्नि-5 का रॉकेट सिर के हिस्से में दो मीटर चौड़ा है जिसमें 3 से 5 मिसाइल वॉरहेड यानी विस्फोटक शीर्ष डाले जा सकते हैं।

-इधर देश के वैज्ञानिक हिंदुस्तान की पहली इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल की क्षमता हासिल करने में भी जुटे हैं। इसके लिए अग्नि-6 के निर्माण की योजना पर काम हो रहा है।