सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान को फोन कर कहा लाशें उठा लो- पीएम मोदी

लंदन(19 अप्रैल): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लंदन के सेंट्रल हॉल वेस्टमिंस्टर के मंच से पाकिस्तान पर जोरदार प्रहार किया। वर्ष 2016 में नियंत्रण रेखा के पार अंजाम दिए गए सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र किया और कहा कि भारत आतंकवाद का निर्यात करने वालों को बर्दाश्त नहीं करेगा और 'करारा जवाब' देगा।

-  ‘भारत की बात, सबके साथ’ कार्यक्रम के दौरान मोदी ने कहा कि जब 'किसी ने आतंक के निर्यात की फैक्ट्री लगा ली हो और हम पर पीछे से हमले की कोशिशें करता हो तो मोदी उसी भाषा में जवाब देना जानता है।' 

- एक दर्शक का पीएम से सवाल था कि सर्जिकल स्ट्राइक करते वक्त आपके भीतर कैसी भावनाएं चल रही थी? इसके जवाब में पीएम मोदी ने कहा, 'भारत ने हजारों सालों के अपने इतिहास में कभी भी दूसरे की जमीन हड़पने की कोशिश नहीं की। पहले और दूसरे विश्वयुद्ध में हमें एक इंच भी जमीन नहीं लेनी थी लेकिन हमारे डेढ़ लाख सिपाहियों ने बलिदान दिया था। आज भी यूएन के पीसकीपिंग फोर्स में सबसे ज्यादा योगदान देने वाले देशों में हिंदुस्तान का नाम लिया जाता है। भारत का चरित्र अजेय रहने का है, विजयी रहने का है लेकिन किसी के हक को छीनना भारत का चरित्र नहीं है। भगवान राम और लक्ष्मण का लंका छोड़ते समय जो संवाद था, उस समय भी यह दिखा। जब कोई टेररिजम को एक्सपोर्ट करने में लगा हो, ताकत न हो और पीठ में घोंपने का प्रयास करता हो तो यह मोदी है...उसी भाषा में जवाब देना जानता है।' 

- पीएम ने उरी आतंकी हमले की घटना का जिक्र करते हुए कहा, 'हमारे जवान टेंट में सोए हुए थे रात को..कुछ बुजदिल आकर मौत के घाट उतार दे...तो क्या मैं चुप रहूं...इसीलिए सर्जिकल स्ट्राइक किया। मुझे मेरे सेना पर, जवानों पर गर्व है कि जो योजना बनी थी उसे शतप्रतिशत इम्प्लिमेंट किया और सूर्योदय होने से पहले लौट के आ गए।' 

-पीएम ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद देशवासियों को यह जानकारी देने से पहले पाकिस्तान को बताया गया। उन्होंने कहा, 'मैंने अफसरों से कहा कि मीडिया को पता चले उससे पहले आप पाकिस्तानी फौज को बता दें कि हमने यह किया है, वहां लाशें पड़ी होंगी..हटा लो। लेकिन पाकिस्तान के अफसर फोन पर आने से डरते रहे। आखिरकार 12 बजे वह फोन पर आए। पाकिस्तानी फौज को बताने के बाद हमने हिंदुस्तान के लोगों को बताया। टेररिजम एक्सपोर्ट करने वालों के लिए यह संदेश है कि हिंदुस्तान बदल गया है।'