भारत की पाक को दो टूक- कश्मीर पर नहीं, टेररिज्म पर होगी बातचीत

नई दिल्ली (25 अगस्त): भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान के उस न्योते को ठुकरा दिया है, जिसमें उसने कश्मीर पर बात करने की पेशकश की है। भारत ने साफ कर दिया है कि अगर बात होगी तो सिर्फ सीमा पार से होने वाली आतंकी गतिविधयों पर होगी।

बता दें कि पाकिस्तान ने 15 और 19 अगस्त को भारत को दो न्योते भेजे थे। इनमें कश्मीर पर बातचीत की पेशकश की गई थी।

पाकिस्तान क्यों कर रहा है बातचीत की पेशकश.... - कश्मीर में 8 जुलाई को हिज्बुल कमांडर बुरहान वानी एनकाउंटर में मारा गया था। इसके बाद यहां हिंसा का दौर शुरू हुआ।

- सिक्युरिटी फोर्सेस पर पत्थरबाजी की घटनाएं तेजी से बढ़ीं। कुछ जगहों पर पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी भी हुई। - हिंसा में 68 लोग मारे गए। करीब तीन हजार घायल हुए, इनमें सिक्युरिटी फोर्सेस के जवान भी शामिल हैं। - पाकिस्तान इस हिंसा को भड़का रहा है। इसी बीच, नरेंद्र मोदी ने बलूचिस्तान का मुद्दा उठाकर उसे बैकफुट पर ला दिया। - पाकिस्तान दुनिया को ये बताना चाहता है कि वह कश्मीर मामले में भागीदार है। दूसरी तरफ, भारत दो टूक कहता है कि ये उसका इंटरनल मैटर है।

एजाज अहमद चौधरी ने भेजे थे इनविटेशन... - मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 15 और 19 अगस्त को पाकिस्तान के फॉरेन सेक्रेटरी एजाज अहमद चौधरी ने अपने काउंटर पार्ट एस. जयशंकर को इंडियन हाईकमिश्नर के जरिए दो ऑफिशियल नोट भेजे थे। इनमें कश्मीर पर बातचीत की पेशकश की गई थी। - जयशंकर ने बुधवार रात चौधरी को इंडियन हाईकमिश्नर के जरिए ही जवाब भेजे। कहा- भारत के लिए बातचीत का मुख्य मुद्दा क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म है। भारत के जवाब में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का मुद्दा भी उठाया गया है।

भारत का रुख क्या? - भारत के पास इस बात के सबूत मौजूद हैं कि पाकिस्तान कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। हाल ही में हिज्बुल और लश्कर से जुड़े पाकिस्तानी आतंकियों को सिक्युरिटी एजेंसीज ने गिरफ्तार भी किया है। - इन आतंकियों ने पूछताछ के दौरान कबूला भी कि उन्हें पाकिस्तान में ट्रेनिंग मिली। भारत ने पाकिस्तान को सबूत के तौर पर गिरफ्तार किए गए आतंकियों के बयान भी दिए हैं।