चीन के साथ विकास में सहयोग चाहता है भारत

नई दिल्ली (28 जुलाई): सिक्किम क्षेत्र के डोकलाम में भारत औ चीन के तनाव जारी है। इस बीच भारत ने कहा है कि चीन के साथ विकास के मामले में वह करीबी सहयोग करना चाहता है और वह सीमा विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से हल करने के पक्ष में है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने बताया कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए गुरुवार को कहा कि भारत विकास के मामले में चीन के साथ करीबी सहयोग करना चाहता है, जो चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की 2014 में हुई भारत यात्रा के दौरान तय हुआ था। 

भारत यह काम जून में अस्ताना में हुई सहमति के मुताबिक करना चाहता है, जिस पर शंघाई सहयोग संगठन की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच अलग से हुई मुलाकात में सहमति बनी थी। इसके मुताबिक यह तय हुआ था कि दोनों देशों के बीच मतभेद विवाद की वजह न बने। दोनों देशों ने माना था कि चीन-भारत के रिश्ते दुनिया के लिए अहम है और इसमें स्थिरता एक फैक्टर है। दोनों देश मानते हैं कि लोगों के बीच संपर्क से विश्वास और समझ बढ़ती है।

बागले ने कहा कि सीमा पर हमने अपना रुख साफ कर दिया है कि मतभेद विवाद नहीं बनने चाहिए। सीमा विवाद सुलझाने के लिए व्यवस्था बनी हुई है।