जानें कैसे बनी थी सर्जिकल स्ट्राइक करने की प्लानिंग

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (28 जून): साल 2016 में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के इलाके में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की थी, उसका वीडियो सामने आया है। 29 सितम्बर 2016 को भारतीय सेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकवादी लांच पैड्स पर सर्जिकल स्ट्राइक किया था, जिसमें करीब 49 आतंकी मारे गए थे।सर्जिकल स्ट्राइक के इस वीडियो के सामने आने पर राजनीति भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के ऊपर सेना की वीरगाथा को राजनीति के लिए उपयोग करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि इससे पहले भी सर्जिकल स्ट्राइक होती रही है, लेकिन उनका कभी भी राजनैतिक लाभ नहीं लिया गया।हालांकि बीजेपी का कहना है कि ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी पीएम ने खुद सर्जिकल स्ट्राइक करने के लिए सेना से कहा और खुद इसका प्लान का हिस्सा रहे।आइये अब आपको बताते हैं कि 28-29 सितंबर 2016 की उस दरमियानी रात क्या हुआ था और कैसे बनी थी सर्जिकल स्ट्राइक करने की प्लानिंग और कहा-कहां से इस सर्जिकल स्ट्राइक की निगरानी की जा रही थी।तारीख 20-9-16साउथ ब्लॉक, दिल्लीदेश के सबसे खुफिया और हाईटेक कमरे में पीएम नरेंद्र मोदी मौजूद थे। साउथ ब्लॉक के इस कमरे में देश की चार ताकतवर हस्तियां भी मौजूद थीं, जिसमें एनएसए अजित डोभाल, सेना प्रमुख दलबीर सुहाग, वायुसेना प्रमुख अरुण राहा, और नौसेना प्रमुख सुनील लांबा शामिल थे।मीलिटरी ऑपरेशन डॉयरेक्टरेट, जिसे वॉर रूम भी कहा जाता है, उसमें जम्मू-कश्मीर के उरी में आतंकी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक की रुपरेखा तैयार हुई। इस बैठक में तय हुआ कि सबसे पहले सीमा पार घुसपैठ की तैयारी में बैठे आतंकी माड्यूल्स को खत्म किया जाए। NSA अजीत डोभाल की निगरानी में जवाबी कार्रवाई का एक रोडमैप तैयार किया गया।दिन 28-29 सितंबर 2016रात 12:15 मिनटजगह PoKजब 125 करोड़ हिंदुस्तानी चैन की नींद सो रहे थे। तब एलओसी के पार मिशन को अंजाम देने उतरे। सेना को खबर मिली थी कि कुछ आतंकी भारत में अपने खतरनाक मंसूबों को अंजाम देने के लिए घुसने वाले हैं। सेना के जवान बदला लेने के लिए पूरी तरह से तैयार थे।- सबसे पहले किलिंग मशीन कहे जाने वाले पैरा कमांडोज की यूनिट बनाई गई।- 6-6 की संख्या में जवानों का ग्रुप तैयार किया गया।- LoC पर MI 17 हेलिकॉप्टर से जवान उतरे।- सभी जवान रेंगते हुए PoK में घुसे।- 3 किमी. अंदर जाकर जवानों ने आतंकियों के ऊपर फायिरंग की।- इस ऑपरेशन का वीडियो भी बनाया गया।ये हमले हॉटस्प्रिंग, केल और लीपा समेत 4 सेक्टर में किए गए। ये जगह लाइन ऑफ कंट्रोल की दूसरी ओर पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में मौजूद है। पाकिस्तान के खिलाफ इस हमले में एयरफोर्स की मदद नहीं ली गई। सिर्फ पैराकमांडो शामिल थे, जिन्हें एलओसी तक हेलिकॉप्टरों के जरिए पहुंचाया गया। बुधवार की रात करीब साढ़े 12 बजे ये ऑपरेशन शुरू हुआ जो सुबह करीब सवा छह बजे तक चला।आर्मी ने इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए अच्छी खासी तैयारी कर रखी थी। सबसे पहले हेलिकॉप्टर्स ने पैराकमांडोंज़ को एयरड्रॉप किया और तब सेना सर्जिकल स्ट्राइक के लिए आगे बढ़ी। हमले के अगले दिन यानि 29 सितंबर 2016 को डीजी मिलिट्री ऑपरेशन ने देश को इस सर्जिकल स्ट्राइक की जानकारी दी।इस ऑपरेशन में 5 सेक्टर में 7 ठिकाने तबाह किए गए। ऑपरेशन में 2 पाक सैनिकों समेत 49 से ज्यादा आतंकी मारे गए। जिन कैम्पों को तबाह किया गया, वहां आतंकी ट्रेनिंग लेते थे। स्ट्राइक के दौरान जब पाक सैनिकों ने रोका तो जवानों ने फायरिंग की। पाक के 3 चौकियों को भी नुकसान पहुंचा है।पहली बार भारतीय सेना ने सिर्फ एलओसी ही पार नहीं की बल्कि 3 किलोमीटर अंदर तक घुसकर आतंकियों के कैंप्स और लॉन्चपैड को स्पॉट किया और फिर उन्हें नेस्तेनाबूद किया। इस सर्जिकल स्ट्राइक का हाल ही में लंदन में भारतीयों से संवाद करते हुए पीएम मोदी ने जिक्र किया।