भारत का सुरक्षा 'कवच'- DRDO ने किया सुपरसोनिक इंटरसेप्‍टर मिसाइल का सफल परीक्षण

नई दिल्ली (1 मार्च): भारत ने आज पूर्ण रूप से स्वदेश में निर्मित एडवांस्ड एयर डिफेन्स मिसाइल प्रणाली 'सुपरसोनिक इंटरसेप्टर मिसाइल' का सफल परीक्षण किया है। ओडिशा के नजदीक बंगाल की खाड़ी में अब्दुल कलाम द्वीप से 10.45 मिनट पर मिसाइल का परीक्षण किया गया। एक महीने के अंदर भारत ने इस तरह का दूसरा मिसाइल परीक्षण किया है। सुपरसोनिक इंटरसेप्टर मिसाइल प्रणाली भारत के लिए डिफेंस शील्ड यानी मिसाइल से रक्षा कवच की तरह काम करेगी। कम उंचाई से आ रही दुश्मन की किसी भी बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर देगी। मिसाइल रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी डीआरडीओ द्वारा विकसित की गई है। हालांकि भारत के पास पृथ्वी एयर डिफेंस प्रणाली पहले से मौजूद है जो 90 किमी की ऊंचाई पर दुश्मन की किसी भी बैलिस्टिक मिसाइल को टार्गेट बनाकर नष्ट कर सकती है। लेकिन भारत के पास कम ऊंचाई से हमला करने वाली मिसाइल के लिए डिफेंस शील्ड नहीं थी। यह सुपरसोनिक इंटरसेप्टर मिसाइल इसी शील्ड का काम करेगी।

क्‍या है इंटरसेप्‍टर मिसाइल

इंटरसेप्टर 7.5 मीटर लंबा मजबूत रॉकेट है जो नौवहन प्रणाली, हाईटेक कंप्यूटर और इलेक्ट्रो-मैनिकल एक्टिवेटर की मदद से गाइडेड मिसाइल से संचालित होता है। एक स्वचालित अभियान के तहत रडार आधारित प्रणाली ने शत्रु की बैलिस्टिक मिसाइल की पहचान की जाती है। इसके बाद रडार से मिले आंकड़ों की मदद से कंप्यूटर नेटवर्क आ रही बैलिस्टिक मिसाइल का रास्‍ता पता लगाता है। कंप्यूटर सिस्टम से जरूरी निर्देश मिलते ही इंटरसेप्‍टर को टार्गेट भेदने के लिए छोड़ दिया जाता है।

पहले भी हो चुका है टेस्‍ट

इंटरसेप्टर मिसाइल ने 11 फरवरी को पृथ्वी के वायुमंडल से 50 किलोमीटर उपर, अधिक उंचाई पर एक प्रतिद्वन्द्वी बैलिस्टिक मिसाइल को सफलतापूर्ण भेदा था। इससे पहले कम उंचाई पर 15 मई 2016 को एएडी मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया था। उस वक्‍त इसी तरह के परीक्षण में इंटरसेप्टर के लिए पृथ्वी मिसाइल के नेवल एडिशन को टार्गेट के तौर पर स्थापित किया गया था। इस लक्ष्य को बंगाल की खाड़ी में खड़े पोत से छोड़ा गया था। इंटरसेप्टर एडवांस्ड एयर डिफेंस (एएडी) मिसाइल  ने लक्ष्य वाली मिसाइल को काफी उंचाई पर ही नष्ट कर दिया था।

भारत की मिसाइल ताकत

    * भारतीय सेना के पास अग्नि, पृथ्वी, आकाश और नाग जैसी आधुनिक मिसाइलें हैं।

    * यही नहीं भारत के पास ब्रह्मोस जैसी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है।

    * जो 5 मिनट में 290 किमी के टारगेट को बर्बाद कर सकती है।

    * इसके अलावा भारत के पास जमीन से हवा में मार करने वाली बराक-8 मिसाइल भी है।

    * बराक-8 मिसाइल 70 किमी के दायरे में किसी भी मिसाइल को हवा में भी नष्ट कर सकती है।

    * भारत ने अग्नि-5 जो सबसे आधुनिक और घातक मिसाइल है, विकसित कर ली है।

    * अग्नि-5 एक इंटर कॉन्टिनेटल बैलिस्टिक मिसाइल है।

    * वहीं पाकिस्तान के पास गौरी, शाहीन, गजनवी, हत्फ और बाबर जैसी मिसाइलें हैं।

    * लेकिन पाकिस्तान के पास जो मिसाइल हैं उनकी तकनीक काफी पुरानी है।

    * पाकिस्तान मिसाइल टेक्नोलॉजी के मामले में चीन पर ज्यादा निर्भर है।