PAK से निपटेगा भारत का यह अचूक 'ब्रह्मास्त्र' #Barak-8 , 70KM दूर से बर्बाद कर देगा TARGET, जानिए क्या है खासियत...

डॉ. संदीप कोहली

नई दिल्ली (21 सितंबर): जमीन से आसमान में किसी भी लक्ष्य पर सटीक वार करने में लॉन्ग रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल (LR-SAM)'बराक-8' का आज एक बार फिर ओडिशा के चांदीपुर में दोपहर 2.02 बजे सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया। दो दिन में यह तीसरा टेस्ट है। इससे पहले मंगलवार को सुबह 10.13 बजे और दोपहर को इस मिसाइल का परीक्षण किया गया था। चांदीपुर के तीन नंबर लांचिंग पैड  से निकलते ही बिजली की गति से मिसाइल ने अपने लक्ष्य पर सटीक निशाना साधा। बराक-8 भारत ने इजरायल के साथ संयुक्त रूप से विकसित की है। बराक-8 मिसाइल जमीन से हवा में 70 किलोमीटर के दायरे में किसी भी लक्ष्य को पूरी तरह बर्बाद कर सकती है। एक सेकेंड में 680 मीटर की दूरी तय करने वाली यह मिसाइल मैक2 की गति से उड़ती है। बराक-8 मिसाइल 70 किलोग्राम तक वॉरहेड ले जा सकती है। रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन (DRDO), इजरायल एरोस्पेस इंडस्ट्रीज (IAI), इजरायल्स एडमिनिस्ट्रेशन फॉर डेवलपमेंट ऑफ वेपंस एंड टेक्नोलॉजिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर, एल्टा सिस्टम्स द्वारा इस मिसाइल का संयुक्त रूप से विकास किया गया है। जानिए बराक-8 मिसाइल की खासियत...

- भारत और इजरायल के संयुक्त सहयोग से निर्मित की गई है बराक-8 मिसाइल। - हिब्रू भाया में बराक का अर्थ बिजली होता है, बराक भी बिजली की तरह दुश्मन पर हमला करती है। - मिसाइल दुश्मन की मिसाइल की पहचान कर उसे हवा में ही नष्ट कर देगी। - बराक-8 जमीन से हवा में 70किमी के दायरे में किसी भी लक्ष्य भेद सकती है।  - बराक-8 मिसाइल की लंबाई 4.5 मीटर है जबकि इसका वजन 275 किलोग्राम है। - एक सेकेंड में 680 मीटर की दूरी तय करने वाली यह मिसाइल मैक2 की गति से उड़ती है। - मिसाइल में दो स्तरीय इंजन का प्रयोग किया गया है।  - इसका सर्विलांस सिस्टम काफी एडवांस बताया जा रहा है।  - यह रडार के जरिए खुद खतरा भांप कर इसे गाइड करेगा। - बराक-8 मिसाइल का सबसे पहला परीक्षण मई 2010 में किया गया था। - नवंबर 2014 और 2015 में इसके जमीनी और समुद्री वर्जन का परीक्षण किया गया। - 29 और 30 दिसंबर, 2015 को इसके समुद्री वर्जन को टेस्ट किया जा चुका है, जो नेवी को सौंपा जाएगा।

दूसरों से अलग मिसाइल... अचूक निशाना लगाने में सक्षम... - छोटे एयरक्राफ्ट, हेलीकॉप्टर और ड्रोन जैसे कम से दूरी के लिए खतरनाक। - मिसाइल, लड़ाकू विमान और ड्रोन और अन्य खतरों पर रहेगी नजर। - दिन, रात और सभी मौसमों में एक साथ कई लक्ष्यों को ध्वस्त करने में सक्षम। - नौसेना पोतों, तटीय रिफाइनरी और अन्य रणनीतिक प्रतिष्ठानों की रक्षा करेगी। - अत्याधुनिक मल्टी मिशन रडार, और एक आसान कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम। - भारत-इजरायल को अरबों डॉलर का बराक-8 का सौदा मिलने की उम्मीद।

इजरायल भारत का कितना मददगार रहा है... - 1990 के मध्य से ही भारत और इजरायल के बीच सैन्य संबंध सबसे अहम रहे हैं। - दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों की शुरुआत जनवरी, 1992 में हुई थी। - बीते ढेड़ दशक के दौरान दोनों देशों के बीच क़रीब 670 अरब रुपए का कारोबार हुआ है। - मौजूदा समय में, भारत सालाना करीब 67 अरब से 100 अरब रुपए के सैन्य उत्पाद इसराइल से आयात कर रहा है। - इसराइल ने भारत को मई, 2009 और मार्च, 2010 में 73.7 अरब रुपए में अवाक्स प्लेन बेचे थे। - भारतीय वायुसेना के पास तीन ऑपरेशनल अवाक्स मौजूद हैं।  - इसके अलावा दो अन्य के जल्दी ही वायुसेना में शामिल होने की उम्मीद है। - हालांकि अमरीका के कहने पर इजरायल ने यह तकनीक चीन को नहीं दी है।

मोदी सरकार के दौरान इजरायल से रिश्ते... - बीते दो सालों के दौरान, दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण सैन्य समझौते हुए हैं। - मोदी सरकार के सत्ता में आने के कुछ ही महीनों बाद सितंबर, 2014 में अहम समझौता हुआ। - भारत ने इसराइली एयरोस्पेस इंडस्ट्री की बराक- एंटी मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने की घोषणा की। - यह डील करीब 965 करोड़ रुपए में की गई, हालांकि यूपीए सरकार के दौरान यह समझौता नहीं हुआ। - मोदी सरकार भारतीय नौसेना को एंटी बैलिस्टिक मिसाइल से लैस करना चाहती है। - इसके अलावा इजरायल भारत को 8356 स्पाइक एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल और 321 लॉंचर देगा। - साथ ही भारत ने इजरायल से 2680 करोड़ रुपए की 10 हेरॉन टीपी यूएवी खरीदने की भी घोषणा की है। - इसकी मदद से भारतीय सेना की निगरानी करने और टोह लेने की क्षमता काफी बढ़ जाएगी। - भारत अभी निगरानी और टोह लेने के लिए इसराइल में निर्मित 176 ड्रोन इस्तेमाल कर रहा है। - दोनों देशों के संयुक्त उपक्रम की सबसे बड़ी कामयाबी है बराक-8 मिसाइल। - बराक-8 एलआर-एसएएम (70 किलोमीटर की रेंज वाले) मिसाइल है। - भविष्य में दूसरे देश भी भारत और इसराइल से ये मिसाइल खरीद सकेंगे।