एक हफ्ते में भारत की दूसरी बड़ी कामयाबी- #AGNI5 के बाद #AGNI4 का सफल परीक्षण, चीन-पाक की बड़ी चिंता

डॉ. संदीप कोहली,नई दिल्ली (2 जनवरी): भारत ने एक हफ्ते अंदर किया अपनी दो टॉप मिसाइलों को सफल परीक्षण। पिछले सोमवार 5500 किलोमीटर तक मार करने वाली देश की पहली ICBM 'अग्नि-5' के सफल परीक्षण के बाद आज सोमवार को अपनी दूसरी टॉप मिसाइल 'अग्नि-4' का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। ओडिशा के बालासोर स्थित चांदीपुर इंटीग्रेटेड टेस्‍ट रेंज से सुबह के 11 बजकर 50 मिनट पर मोबाइल प्रक्षेपण यान के जरिए इसका परीक्षण किया गया। अग्नि-5 भारत की पहली इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल है तो अग्नि-4 4000 किमी तक मार करने वाली न्यूक्लियर कैपेबल मिसाइल है। 20 मीटर लंबी और 17 टन वजनी मिसाइल 1000 टन तक वॉरहेड ले जाने में समक्ष है। सतह से सतह तक मार में सक्षम अग्नि-4 को 2014 में स्पेशल फोर्सेस कमांड (SFC) में शामिल किया गया था। अग्नि-4 मिसाइल पूरी तरह से भारत में विकसित की गई है, इसकी जद में पूरा पाकिस्तान और चीन आ जाता है। आइए जानते हैं अग्नि-4 की खासियत-

 अग्नि-4 की खासियत...    * 4000 किमी रेंज की अग्नि-4 20 मिनट में दुश्मन को तबाह कर सकती है।    * 20 मीटर लंबी और 17 टन वजनी मिसाइल 1000 टन तक वॉरहेड ले जाने में समक्ष है    * पांचवीं जनरेशन की अग्नि-4 मिसाइल मॉडर्न और कम्प्यूटर टेक्नोलॉजी से लैस है।    * अग्नि-4 में सटीक निशाना साधने के लिए रिंग लेजर सिस्टम RINS और MNS लगा है।    * रिंग लेजर गायरो बेस्ड इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम(RINS)और माइक्रो नेविगेशन सिस्टम(MNS)।    * छोटे से छोटे (1.5 मीटर) टारगेट पर भी अचूक निशाना लगा सकती है।    * अगर कोई गड़बड़ी भी होती है तो ये मिसाइल अपने आप को खुद सुधार लेगी।      * सॉलिड फ्यूल से चलने वाले अग्नि-4 में दो इंजन लगे हैं।    * जिससे मिसाइल 20 मिनट में 4000 किलोमीटर की दूरी तय कर सकती है।    * अग्नि-4 को रोड मोबाइल लॉन्चर के जरिए देश के किसी भी कौने से दागा जा सकता है।    * सेना के बेड़े में 3000 किलोमीटर रेंज वाली अग्नि-1, 2 और 3 पहले से शामिल हैं।    * भारत के पास अब 700 किलोमीटर तक मार करने वाला अग्नि 1    * 2000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम अग्नि 2    * 2500 किलोमीटर कर मार करने वाला अग्नि 3लगातार 6वीं बार सफल रहा परीक्षण...    * 15 नवंबर 2011: अग्नि-4 का पहली बार सफल परीक्षण किया गया, मिसाइल 900 किमी तक बंगाल की खाड़ी में अपने लक्ष्य तक गई।    * 19 सितंबर 2012: मिसाइल का दूसरा सफल परीक्षण हुआ, इस बार इसने 4000 किमी तक जाकर अपने लक्ष्य को भेदा।    * 20 जनवरी 2014: तीसरा परीक्षण भी सफल रहा, मिसाइल ने आसमान में 850 किलोमीटर ऊंचाई तक गई।    * 2 दिसंबर 2014: यह मिसाइल का पहला यूजर ट्रायल था, इसके बाद मिसाइल को सेना में शामिल कर लिया गया.    * 9 नवंबर 2015: दूसरा यूजर ट्रायल था, इसका परीक्षण स्ट्रैटजिक फोर्सेज कमांड (SFC) ने किया।    * 2 जनवरी 2017: यह तीसरा यूजर ट्रायल है, इस परीक्षण में भी मिसाइल सभी पैरामीटर पर खरी उतरी।अग्नि-5 की खासियत...    * अग्नि-5 सतह से सतह पर मार करने वाली इंटरकॉन्टिनेंटल रेंज की मिसाइल है।    * अग्नि 5 मिसाइल 5500 किलोमीटर से अधिक दूरी तक मार करने में सक्षम है    * अग्नि 5 मिसाइल 17.5 मीटर लंबी, दो मीटर चौड़ी और 50 टन वजनी है।    * अग्नि 5 1.5 टन से ज्यादा वजन का परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है।    * यह नैविगेशन, गाइडेंस, वारहेड और इंजन के मामलों में नई तकनीक से लैस है।    * मिसाइल में RLG (रिंग लेजर गायरोस्पेस) टेक्नीक का इस्तेमाल किया गया है।    * रिंग लेजर गायरोस्पेस तकनीक से सटीक निशाना लगाने में मदद मिलती है।    * अग्नि 5 मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल री-एंट्री व्हीकल(MIRV) से भी लैस है।    * इस तकनीक के जरिए मिसाइल एकसाथ कई टारगेट पर वार कर सकती है।    * 19 अप्रैल, 2012 को इसका पहला सफल परीक्षण किया गया था।    * 15 सितंबर, 2013 को दूसरा सफल परीक्षण किया गया।    * जनवरी 2015 में तीसरी बार इस मिसाइल का परीक्षण किया गया।अग्नि मिसाइल में ऐसा क्या, जो बेचैन हो उठा चीन...- अग्नि-5 मिसाइल का नाम सुनकर चीन की नींद हमेशा उड़ जाती है। कारण है कि चीन का मानना है कि भारत की मिसाइल अग्नि 5 की मारक क्षमता 5,500 नहीं बल्कि 8,000 किलोमीटर से ज्यादा है। चीनी विशेषज्ञों को लगता है कि भारत की परमाणु-क्षमता वाली मिसाइल अग्नि-5 की मारक क्षमता जितनी बताई जा रही है उससे कहीं अधिक है।- अग्नि-5 के पहले परिक्षण के बाद चीन के 'ग्लोबल टाइम्स' ने चीन की पीएलए एकेडमी ऑफ मिलिट्री साइंसेज के शोधकर्ता डू वेनलांग के हवाले से खबर छापी थी। जिसमें कहा गया था कि वास्तव में अग्नि-5 की 8,000 किलोमीटर दूरी तक के लक्ष्य को भेदने की क्षमता है।- पीपल्स लिबरेशन आर्मी नेशनल डिफेंस विश्वविद्यालय में प्रोफेसर झांग झाओजोंग ने भी 'ग्लोबल टाइम्स' से कहा था कि चीन के मानक के मुताबिक एक अंतर-महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल(आईसीबीएम) की मारक क्षमता कम से कम 8,000 किलोमीटर होनी चाहिए।मिसाइल ताकत में पाकिस्तान हमारे सामने कहीं नहीं टिकता...    * भारतीय सेना के पास अग्नि, पृथ्वी, आकाश और नाग जैसी आधुनिक मिसाइलें हैं।    * यही नहीं भारत के पास ब्रह्मोस जैसी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है।    * जो 5 मिनट में 290 किमी के टारगेट को बर्बाद कर सकती है।    * इसके अलावा भारत के पास जमीन से हवा में मार करने वाली बराक-8 मिसाइल भी है।    * बराक-8 मिसाइल 70 किमी के दायरे में किसी भी मिसाइल को हवा में भी नष्ट कर सकती है।    * भारत ने अग्नि-5 जो सबसे आधुनिक और घातक मिसाइल है, विकसित कर ली है।    * अग्नि-5 एक इंटर कॉन्टिनेटल बैलिस्टिक मिसाइल है।    * वहीं पाकिस्तान के पास गौरी, शाहीन, गजनवी, हत्फ और बाबर जैसी मिसाइलें हैं।    * लेकिन पाकिस्तान के पास जो मिसाइल हैं उनकी तकनीक काफी पुरानी है।    * पाकिस्तान मिसाइल टेक्नोलॉजी के मामले में चीन पर ज्यादा निर्भर है।