सैन्य शक्ति के विस्तार में जुटा भारत, सबसे बड़ी डील पर शुरू किया काम


नई दिल्ली (24 जुलाई):
देश को आर्थिक और रणनीतिक तौर पर ही नहीं सैन्य शक्ति के क्षेत्र में भी मजबूत करने की रणनीति पर मोदी सरकार जमकर काम कर रही है। इस कड़ी में केंद्र सरकार ने 10 साल बाद एकबार फिर से 'मदर ऑफ ऑल अंडरवॉटर डिफेंस डील्स' पर काम शुरू कर दिया है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 70,000 करोड़ की खर्च आने की संभावना है। इसके लिए भारतीय शिपयार्ड की सहभागिता में 6 स्टेल्थ पनडुब्बियों के निर्माण के लिए फ्रांस, जर्मनी, रूस, स्वीडन, स्पेन और जापान जैसे देशों की कंपनियां इस प्रोजेक्ट के लिए मैदान में उतरने जा रही हैं।

विभिन्न कारणों से प्रॉजेक्ट-75 (इंडिया) नाम की यह पनडुब्बी परियोजना लंबे असरे से फाइलों में कैद होकर रह गई थी। तत्कालीन यूपीए सरकार ने नवंबर, 2007 में मंजूरी इसे मंजूरी दी थी, लेकिन तब से यह प्रॉजेक्ट फाइलों और कमिटियों के पचड़े में फंस कर रह गया था। रक्षा मंत्रालय ने मई 2017 में एक सुनिश्चित 'रणनीतिक साझेदारी' की नीति के तहत यह पहला मेगा पनडुब्बी परियोजना शुरू होगा। अधिकारियों ने जानकारी दी कि इसके लिए सर्वप्रथम फ्रांस, जर्मनी, रूस, स्पेन, स्वीडन और जापान की कंपनियों को 15 सितंबर तक रिक्वेस्ट फॉर इन्फर्मेशन का स्पष्टीकरण देना होगा। 

बताया जा रहा है कि अन्य फॉमिलिटीज को पूरा करते-करते इसमें 2 साल तक का समय लग जाएगा और कॉन्ट्रैक्ट होने के बाद नई पनडुब्बी बनाने में 7 से 8 साल का समय लगने की सम्भावना है।