दिखा मोदी के बढ़ते रुतबे का असर, 14 साल बाद जी-20 में पहली कतार में आया भारत

हांगझोऊ (7 सितंबर): जी-20 के ग्रुप फोटो सेशन में दुनिया ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बढ़ती ताकत का अहसास किया है। चीनी एक्सपर्ट ने भी माना है कि पीएम मोदी का पहली कतार में खड़ा होना, भारत और मोदी के बढ़ते रुतबे का असर है।

बीजिंग की रेनमिन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर वांग ने दुनिया के 36 पावरफुल लीडर्स की इस ग्रुप फोटो का एनालिसिस किया है। इसमें 21 देशों के राष्ट्राध्यक्ष, 8 गेस्ट देशों के चीफ और 7 इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन्स के रिप्रेजेंटेटिव हैं। उनके मुताबिक, चीन ने हर नेता को उसकी अहमियत के हिसाब से जगह दी है। पहली लाइन में नरेंद्र मोदी की पोजिशनिंग चीन की नजर में उनके रुतबे और ताकत को दिखाती है।

2002 के बाद पहली बार भारत को पहली कतार मिली है। इससे पहले 2015 में तुर्की में हुए समिट में मोदी दूसरी कतार में थे, जबकि 2012 में मेक्सिको के जी-20 समिट में मनमोहन सिंह भी दूसरी लाइन में थे।

पहली कतार में राष्ट्रपति और राजा, फिर पीएम और चांसलर... - पहली लाइन में मोदी के साथ 13 नेता थे। इसमें 11 राष्ट्र प्रमुख भी थे। अगले मेजबान जर्मनी की चांसलर एंगला मर्केल और पिछले मेजबान देश तुर्की के राष्ट्रपति भी इसी लाइन में थे। - यह दिखाता है कि भारत को लेकर चीन का क्या रुख है और वह भारत को उभरती आर्थिक ताकत के रूप में देखता है। - इंटरनेशनल मीटिंग में पहली कतार में राष्ट्रपति और राजाओं को जगह दी जाती है। फिर प्रधानमंत्री, चांसलर और इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन्स को जगह मिलती है। - हर लाइन में नेताओं को बीच से किनारे की तरफ उनके टेन्योर संभालने के वक्त के हिसाब से रखा जाता है। - बता दें कि 2002 में भारत में जी-20 की मीटिंग हुई थी। होस्ट होने के चलते भारत पहली कतार में शामिल था।