भारत को मुस्लिमों की कद्र करनी चाहिए: ओबामा

नई दिल्ली ( 2 दिसंबर ): अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी से कहा था कि धर्म के आधार पर भारत का विभाजन नहीं किया जाना चाहिए। शुक्रवार को एक कार्यक्रम में ओबाना ने कहा कि भारत को अपनी मुस्लिम आबादी की कद्र करनी चाहिए और उनका ध्यान रखना चाहिए जो खुद को इस देश से जुड़ा हुआ और भारतीय मानते हैं। 

ओबामा ने कहा, 'मैंने पीएम मोदी से निजी तौर पर कहा था कि भारत को यह बात ध्यान में रखनी चाहिए कि यहां मुसलमान अपनी पहचान एक भारतीय के रूप में कर सकें। ओबामा ने कहा, 'खासतौर से भारत जैसे देश में जहां विशाल मुस्लिम आबादी है और जो सफल है, समाज का अविभाज्य अंग है तथा अपने आपको भारतीय मानता है, दुर्भाग्य से ऐसा अन्य देशों में नहीं है जहां अल्पसंख्यक धार्मिक समुदाय को ऐसी अनुभूति होती हो। मुझे लगता है कि यह ऐसा कुछ है जिसका ध्यान रखा जाना चाहिए, उसे संपोषित व विकसित करने की जरूरत है।' 

यह पूछे जाने पर कि क्या 2015 में सीरी फोर्ट ऑडिटोरियम में अपने भाषण में 'सांप्रदायिक आधार पर विभाजन' के लिए दी गई उनकी नसीहत मोदी सरकार के लिए थी? उन्होंने कहा, 'यह संदेश हम सभी के लिए था और यही बात निजी तौर पर प्रधानमंत्री मोदी से कही गई थी।' यह पूछे जाने पर कि मोदी ने सांप्रदायिक सहिष्णुता खासतौर से पश्चिमी मीडिया द्वारा उठाए गए गोरक्षा के नाम पर हत्या और लव जिहाद जैसे मामलों पर क्या जवाब दिया। 

ओबामा ने इसका जवाब टालते हुए कहा कि अन्य नेताओं के साथ होने वाली निजी बातचीत का खुलासा करना उनका मसकद नहीं है। लेकिन, उन्होंने यह जरूर कहा कि 'मोदी भारत की एकता के महत्व को समझते हैं और आनेवाले समय में राष्ट्र को महान दर्जा दिलाने के लिए इसकी जरूरत है।