दिल्ली से आगरा 100 मिनट में पहुंची गतिमान एक्सप्रेस

कुंदन सिंह, आगरा (5 अप्रैल): भारतीय रेलवे ने आज एक और कीर्तिमान बनाया। देश में सबसे तेज दौड़ने वाली ट्रेन गतिमान एक्सप्रेस ने दिल्ली से आगरा की दूरी सिर्फ 100 मिनट में तय की। इसकी खासियत है सेमी बुलेट स्पीड और हवाई जहाज के सफर जैसी सुविधाएं।

खास बात ये है कि गतिमान एक्सप्रेस में होस्टेस, मुसाफिरों का स्वागत लाल गुलाब के साथ करेंगी ताकि आपके सफर की शुरुआत हो सके खुशनुमा। पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन दिल्ली से सुबह 10 बजकर 10 मिनट पर रवाना हुई ये ट्रेन और ठीक 11.50 पर ट्रेन आगरा स्टेशन पर रुकी। 200 किमी की दूरी को 100 मिनट में पूरा करने वाली इस ट्रेन ने अपनी गति दिखा दी है।

दिल्ली के निजामुद्दीन स्टेशन से गतिमान एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने। अपने पहली यात्रा पर जा रही गतिमान एक्सप्रेस को बहुत खूबसूरती से सजाया गया था। ट्रेन होस्‍टेस ने गुलाब का फूल देकर यात्रियों का स्‍वागत किया। गतिमान एक्सप्रेस में हवाई जहाज की तरह ट्रेन होस्‍टेस है। इस ट्रेन में यात्रियों के खानपान का विशेष ध्यान रखा गया है। ट्रेन होस्टेस और दूसरे अंटेंडेंट समय-समय पर यात्रिय़ों को उनकी जरूरत की चीजे उपलब्ध करवाते दिखे। ट्रेन में सफर के दौरान मल्‍टीमीडिया कंटेंट जैसे मूवीज, न्‍यूज और कार्टून मुहैया कराया गयी। यह सुविधाएं पूरी तरह से फ्री थी।

ट्रेन में वाई फाई स्‍पॉट इंस्‍टॉल किए गए हैं। इन सुविधाओं का फायदा यात्रियों ने अपने स्‍मार्टफोन, टेबलेट और लैपटॉप पर लिया। ट्रेन में साज सज्जा और सफाई का विशेष ध्यान रखा गया है। देशभर के दर्शनीय स्थलों की तस्वीरें ट्रेन में जगह-जगह पर दिखाई देती है। इस ट्रेन के लिए आईआरसीटीसी ने पर्यटकों के लिए पैकेज भी जारी किए हैं। इसमें बस सर्विस, साइटसीइंग और लंच शामिल हैं। इसके तहत एक दिन का पैकेज घरेलू यात्रियों के लिए 1967 रुपये और विदेशी यात्रियों के लिए 3197 रुपये हैं।

गतिमान एक्सप्रेस सप्‍ताह में छह दिन चलेंगी। शुक्रवार के दिन ये ट्रेन नहीं चलेगी। आमदिनों में निजामुद्दीन से यह ट्रेन सुबह आठ बजकर 10 मिनट पर रवाना होगी। आगरा पहुंचने का समय सुबह 9 बजकर 50 मिनट होगा। वहीं आगरा से रवाना होने का समय शाम 5 बजकर 50 मिनट होगा। दिल्‍ली पहुंचने का समय शाम साढ़े सात बजकर 10 मिनट होगा। ये ट्रेन में 5400 एचपी इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव इंजन है। इसमें दो एग्‍जीक्‍यूटिव एसी कार और आठ एसी चेयरकार कोच हैं। यह ट्रेन पूरी तरह से स्‍वदेशी हैं।

इस पर 50 करोड़ रुपये का खर्च आया है। एक कोच की लागत तीन करोड़ रुपये हैं। इसका निर्माण पंजाब में कपूरथला रेलवे कोच फैक्‍ट्री में किया गया है। रेलवे का कहना है कि वह इस तरह की और भी ट्रेनें शुरू करेगा। इसके तहत कानपुर-दिल्‍ली, चंडीगढ़-दिल्‍ली, हैदराबाद-चेन्‍नई, नागपुर-बिलासपुर, गोवा-मुंबई और नागपुर-सिंकदराबाद शामिल हैं।