सिक्किम सीमा पर चीन से तनाव के बीच भारत ने SCO बैठक में लिया हिस्सा

नई दिल्ली(1 जुलाई): सिक्किम में चीनी सैनिकों के साथ गतिरोध के बीच भारत ने आतंकवाद निरोध और सदस्य देशों के बीच सीमा नियंत्रण तंत्र को प्रोत्साहन देने के लिए चीन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में हिस्सा लिया।


- भारत और पाकिस्तान के एससीओ का पूर्ण सदस्य बनने के बाद यह पहली पूर्ण बैठक थी। चीन, भारत और रूस समेत एससीओ के 7 सदस्यों ने संगठन के सीमा नियंत्रण विभागों के प्रमुखों की पूर्वोत्तर चीन के लेआनिंग प्रांत के डलियान में गुरुवार को हुई बैठक में हिस्सा लिया।


- भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने एससीओ की डलियान बैठक में हिस्सा लिया। भारत और पाकिस्तान के जून में समूह का पूर्ण सदस्य बनने के बाद से यह एससीओ की पहली पूर्ण बैठक है। समूह के अन्य सदस्यों में चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, तजाकिस्तान और उजबेकिस्तान शामिल हैं।


- सरकारी समाचारपत्र ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार सदस्य देशों ने आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से लड़ने में कैसे सहयोग किया जाए इसपर चर्चा की। रिपोर्ट में कहा गया है कि सदस्य देशों ने सीमापार अपराधों को रोकने के लिए सीमा पर संयुक्त अभियान और सीमा की सुरक्षा पर संगठन में सहयोग में सुधार करने पर भी चर्चा की।


- चीन के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय के सीमा नियंत्रण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी चेन दिंगवू ने कहा कि सीमा प्रवर्तन सहयोग चीन और एससीओ के अन्य सदस्य देशों के बीच सहयोग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि चीन अन्य देशों के सीमा नियंत्रण विभागों के साथ सहयोग को महत्व देता है और उसने एससीओ सदस्यों समेत 11 पड़ोसी देशों के साथ सहयोग तंत्र का पहले ही निर्माण किया है। एससीओ के महासचिव राशिद अलीमोव ने कहा कि एससीओ सदस्य देश शंघाई की भावना के अनुसार समानता के आधार पर साझा हित के मुद्दों पर चर्चा करने के इच्छुक हैं।


- रिपोर्ट में कहा गया है कि सदस्य देशों ने सीमा पर होने वाले अपराध को रोकने के लिए संयुक्त अभियान के बारे में भी बातचीत की। देशों ने सीमा की सुरक्षा के लिए आपसी संबंध बढ़ाने पर भी जोर दिया। पत्र लिखता है कि भारतीय दल ने सिक्किम में चीन और भारत के बीच चल रहे तनाव के बीच एससीओ की बैठक में हिस्सा लिया। पत्र आगे लिखता है, 'पर्यवेक्षकों का मानना था कि सीमा पर सेनाओं के बीच तनाव से दोनों देशों के संबंधों पर असर नहीं पड़ना चाहिए।'