भारत के एक जरा से कदम से बिलबिला उठा पाकिस्तान, अब रगड़ रहा है नाक !

नई दिल्ली (28 जुलाई):  भारत के एक कदम से पाकिस्तान बेचैन हो उठा है। नवाज शऱीफ सरकार ने भारत सरकार से आग्रह किया है कि पाकिस्तानी रोगियों को चिकित्सा वीजा पर नियंत्रण न लगाया जाये। पाकिस्तान मेडिकल वीजा पर नियंत्रण पर राजनयिक संबंधों का हवाला भी दिया है। विदेश विभाग के प्रवक्ता नफीस जकरिया ने कहा कि भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान द्वारा सुनाई गई मौत की सजा की प्रतिक्रिया में यह कदम उठाया गया है ।
विदेश मंत्रालय ने मई में घोषणा की थी कि पाक विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज द्वारा लिखा गया एक सिफारशी पत्र पाकिस्तानी नागरिकों को भारत का वीजा पाने में सक्षम बनाएगा। जकरिया ने कहा कि बीमार रोगियों के वीजा के लिए विदेश मामलों के सलाहकार से पत्र मांगना राजनयिक नियम कायदों के खिलाफ है। इससे पहले, आठ जुलाई को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाक के कब्जे वाले कश्मीर के ओसामा अली नाम के एक रोगी के लिए यह शर्त हटाई थी और कहा था कि उसे भारत आने की इजाजत दी जाएगी क्योंकि पीओके भारत का अभिन्न अंग है। सुषमा ने ट्वीट किया था, पीओके भारत का अभिन्न अंग है। पाकिस्तान ने इस पर अवैध कब्जा कर रखा है। हम उन्हें वीजा दे रहे हैं। किसी पत्र की जरूरत नहीं है