भारतीय 'तस्करों' ने बंद की गोल्ड रिफाइनर्स, बैंकर्स की दुकान!

नई दिल्ली (23 अगस्त): भारतीय गोल्ड रिफानर पिछले कुछ महीने पहले अपनी क्षमता बढ़ाने में लगे हुए थे। इसके लिए वह खदानी करने वालों से पर्याप्त मात्रा में खनिज प्राप्त करने के लिए संघर्ष कर रहे थे। लेकिन अब वे अपने ऑपरेशन को खत्म कर रहे हैं। इसकी वजह 'तस्करी' हैं। जिसने उनके आंशिक फायदे को भी खत्म कर दिया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, सोना आयात करने वाली बैंकों और बड़े ज्वैलर्स पर भी बड़ी मात्रा में अवैध सोने के आने से प्रभाव पड़ा है। जो इंपोर्ट ड्यूटी के बिना ही तथाकथित 'ग्रे मार्केट' में अपना रास्ता बनाते हैं। जहां आखिरी कड़ी के उपभोक्ता को डिस्काउंट पर बेचा जाता है।

तस्करी से आया सोना इस साल भारत में कुल मांग के एक तिहाई से ज्यादा मात्रा तक पहुंच गया है। भारत, चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना खरीददार है। जिसमें सरकार को एक अरब डॉलर से ज्यादा का राजस्व घाटा पहुंचाने की क्षमता है।