भारत की पहली ट्रांसजेंडर सब-इंस्पेक्टर को चार्ज सौंपा गया

नई दिल्ली (16 फरवरी): तमिलनाडु की यूनिफॉर्म्ड सर्विस रिक्रूटमेंट बोर्ड (टीएनयूएसआरबी) की परीक्षा में रिजेक्ट होने के बाद भी 25 वर्षीय ट्रांसजैंडर प्रितिका यशीनी ने हार नहीं मानी। अब उन्हें सलेम में सब-इंस्पेक्टर (एसआई) के तौर पर ड्यूटी संभालने का अवसर मिला हैं।

प्रितिका को उनके जेंडर की वजह से रिजेक्ट किया गया था। इसके बाद उन्हें अपने हक के लिए कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। इस लड़ाई के बाद वह पहली ट्रांसजेंडर महिला बन गई हैं, जिन्हें तमिलनाडु पुलिस फोर्स में शामिल किया गया है। उन्हें सोमवार को नियुक्ति पत्र सौंपा गया।

मी़डिया में आई रिपोर्ट के मुताबिक, प्रितिका ने 2015 में टीएनयूएसआरबी की तरफ से 1,087 पोस्ट्स निकालने पर एसआई बनने के लिए आवेदन किया था। लेकिन उनके आवेदन को जेंडर कैटेगरी में फिट ना होने के कारण खारिज कर दिया गया।

उन्होंने इस मामले को मद्रास हाईकोर्ट में पेश किया। जिसमें आखिरकार कहा गया कि पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के तौर पर ट्रांसजेंडर्स भी भर्ती के लिए योग्य हैं। इसके बाद उन्हें लिखित परीक्षा में बैठने दिया गया। कोर्ट ने बोर्ड को भी ट्रांसजेंडर्स को भी थर्ड कैटेगरी के तौर पर शामिल करने के लिए कहा है।