भारत की पहली 3 महिला फाइटर पायलट, जो देंगी पुरुषों को टक्कर

नई दिल्ली (9 मार्च): इस तस्वीर में जिन महिलाओं को एयरफोर्स की वर्दी में आप देख रहे हैं, इनके नाम हैं- अवानी चतुर्वेदी, मोहना सिंह और भावना कंठ। ये तीनों ही अब नई ऊंचाई छूने जा रही हैं।

इन तीनों का ही नाम जल्द ही इतिहास की किताबों में पहली तीन महिला कैडेट के तौर पर शामिल किया जाएगा। जिन्हें भारत में लड़ाकू विमान उड़ाने की मंजूरी मिली है। फ्लाइंग कैडेट भावना कंठ ने बताया, "अभी फिलहाल बहुत स्पेशल महसूस नहीं होता। हमारा मेन फोकस ट्रेनिंग पर और उन उम्मीदों पर खड़े उतरने पर है जो हमारे इन्सट्रक्टर्स की हमसे हैं। साथ ही परीक्षा में खरा उतरना भी।"

इन तीनों फ्लाइंग कैडेट्स की पुरुष समकक्षों के साथ हाकिमपट इंडियन एयरफोर्स बेस में ट्रेनिंग चल रही है। यहां महिला कैडेट के लिए कोई स्पेशल ट्रीटमेंट की कोई व्यवस्था नहीं है जो कि पुरुषों की तरह ही कठोर ट्रेनिंग से गुजरती हैं। भावना के लिए यह उनके बचपन का सपना पूरा होने की तरह है। जबकि, मोहना के लिए यह परिवार की परंपरा को आगे बढ़ाना है, क्योंकि उनके पिता और दादा दोनों ने ही इंडियन एयर फोर्स में सेवाएं दी थीं।

मध्य प्रदेश के रेवा की अवानी चतुर्वेदी कहती हैं, "एक महिला फाइटर पायलट होना कोई अलद बात नहीं है। दोनों ही लिंग के लोगों के लिए बराबर चुनौतियां हैं। हमें भी उसी तरह प्रतियोगिता करनी होती है जिस तरह दूसरों को। इसलिए हम अलग से ट्रीटमेंट की उम्मीद नहीं कर रहे हैं।"

मीडिया में आई रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लाइट कैडेट्स इस समय हाकिमपट में इंडियन एयरफोर्स के फाइटर ट्रेनिंग विंग में एजींग किरन इंटरमीडिएट जेट ट्रेनर्स में स्टेज-2 ट्रेनिंग से गुजर रही हैं। इसके बाद, हॉक एडवांस्ड जेट ट्रेनर्स में स्टेज-3 ट्रेनिंग से गुजरना होगा। जिससे वे कॉम्बेट फ्लाइंग की बारिकियां समझ सकें। 2017 के मध्य से ये तीनों ही पूरी तरह से लड़ाकू पायलट बन जाएंगी।

मंगलवार को इंडियन एयरफोर्स चीफ मार्शल अरुप राहा ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर घोषणा की कि ये तीनों ही अपने पुरुष समकक्षों के साथ एएफए से 18 जून को ग्रैजुएट होने के बाद फाइटर स्ट्रीम में ऑफिसर्स बन जाएंगी।

(तस्वीर में बाएं से दाएं: मोहना सिंग, भावना कंठ, अवानी चतुर्वेदी)