चीन के वन बेल्ट वन रोड को टक्कर देगा भारत-रूस गलियारा


नई दिल्ली (10 अप्रैल): जल्द ही भारत और रूस ईरान के रास्ते यूरोप को जोड़ने वाले परियोजना पर काम शुरू करने वाला है। इससे भारत और यूरेशिया के बीच सामानों की आवाजाही आसान हो जाएगी। साथ ही इसमे कम समय लगेगा और सामानों की ढुलाई में कम लागत आएगी। इतना ही नहीं इससे भारत और रूस के साथ-साथ यूरोप के बाजारों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।


INSTC उन गलियारों में एक है जिन्हें भारत चीन के वन बेल्ट वन रोड नीति के सामानांतर बनाने पर काम कर रहा है। पीएम मोदी इंटरनैशनल इकनॉमिक फोरम में हिस्सा लेने जून में सैंट पीटर्सबर्ग जा रहे हैं। तब वह रूस में INSTC के एंट्री पॉइंट ऐस्ट्रकेन की यात्रा कर सकते हैं। भारत और रूस 13 अप्रैल को अपने राजनयिक संबंधों की 70वीं बरसी मनाएंगे। इस मौके पर पूरे साल तरह-तरह के समारोह आयोजित होंगे।