रूस को जीतने और अपनी तरफ करने की कोशिश

नई दिल्ली (13 अक्टूबर) : केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग के विस्तार पर होने वाले समझोते को मंजूरी दे दी है। पाकिस्तान के साथ रूस के संयुक्त सैन्य अभ्यास से भले ही भारत को कुछ शिकायत हो, लेकिन अब गोवा में ब्रिक्स और बिम्सटेक सम्मेलन से पहले रूस के साथ सत्तरहवें सालाना द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में भारत कई सेक्टर्स में बहुत से समझौते करने जा रहा है। इससे पाकिस्तान को झटका लग सकता है। भारत और रूस के बीच अतिरिक्त न्यूक्लियर रिएक्टर्स, पांचवीं जेनरेशन के फाइटर एयरक्राफ्ट, मिलिटरी हेलिकॉप्टर्स, अडवांस्ड मिसाइल, एयर डिफेंस सिस्टम और हाइड्रो-कार्बन सेक्टर में समझौते होंगे।

हाल के वर्षों में यह पहला मौका होगा कि जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन लंबे समय (14-17 अक्टूबर) तक भारत में रुकेंगे। पुतिन के साथ उनके कुछ मिनिस्टर भी भारत आ रहे हैं। पुतिन और उनके मेजबान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए एक संयुक्त बयान जारी करेंगे। इसके अलावा एक अन्य डॉक्युमेंट में 2017 में दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किए जाने वाले बहुत से कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी।

रूस ने यह कहा है कि वह आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान के साथ न्यूनतम जुड़ाव रखना चाहता है। इसके बावजूद मोदी पाकिस्तान के चेरात में दोनों देशों के बीच हुए संयुक्त सैन्य अभ्यास पर पुतिन को अभी चिंता से अवगत कराएंगे, क्योंकि पाकिस्तान की ओर से आतंकवाद को दिए जा रहे समर्थन को लेकर भारत दुनिया के बड़े देशों को जागरूक करना चाहता है।

अधिकारियों ने कहा कि भारत और रूस आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अपनी भागीदारी का विस्तार करने पर बातचीत करेंगे। इसके अलावा दोनों देशों के बीच साइबर सिक्यॉरिटी एग्रीमेंट कट्टरपंथी ताकतों के खिलाफ एक बड़ी ताकत होगा।

रूस ने एलओसी के पार भारत की ओर से किए गए सर्जिकल हमले का समर्थन किया है और इसे पहले वह उरी में हुए आतंकवादी हमले के लिए अप्रत्यक्ष तौर पर पाकिस्तान को जिम्मेदार भी बता चुका है। भारत और रूस कुडानकुलम न्यूक्लियर पावर प्रॉजेक्ट के लिए पांचवें और छठे रिएक्टर्स (प्रत्येक 1,000 MW) पर एग्रीमेंट करेंगे। इसके अलावा भारत रूसी मदद से देश में बनने वाले दूसरे न्यूक्लियर पावर प्लांट की साइट की घोषणा कर सकता है। यह प्लांट आंध्र प्रदेश में बनने की संभावना है।

रूस की योजना भारत को लगभग 25 रिएक्टर्स बेचने की है। ऐसी रिपोर्ट है कि मोदी और पुतिन गोवा से विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कुडानकुलम में दूसरी यूनिट का उद्घाटन कर सकते हैं। यह यूनिट अगस्त में पावर ग्रिड से कनेक्ट की गई थी। न्यूक्लियर एनर्जी के अलावा पुतिन की यात्रा के दौरान डिफेंस से जुड़े कई अग्रीमेंट भी हो सकते हैं।

दोनों देशों के बीच ऑइल और गैस सेक्टर में भी काफी सहयोग हो रहा है। ओएनजीसी ने रूस में कुछ बड़ी ऑइल फील्ड्स में स्टेक लिए हैं। पुतिन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थाई सदस्यता के साथ ही न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (एनएसजी) में भारत को शामिल करने के लिए भी अपना समर्थन दोहरा सकते हैं।