जिस ब्रह्मोस मिसाइल को बनाने में रूस ने हमारी मदद की, अब उसे ही खरीदेगा

नई दिल्ली (8 सितंबर): इसे दुनिया में भारत की बढ़ती ताकत कहें या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मार्किटिंग। क्योंकि जिस ब्रह्मोस मिसाइल को बनाने में रूस ने हमारी मदद की, उसने उसे खरीदने की इच्छा जाहिर की है।

रूस की सेना ब्रह्मोस मिसाइल से अपने सुखोई एसयू-30, एसएम लडाकू विमानों को लैस करना चाहती है। भारत ने इन मिसाइलों का निर्माण रूस के सहयोग से किया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रूस की सेना अपने एसयू-30, एसएम लड़ाकू विमानों में भारतीय मिसाइलों का परीक्षण 2017 तक करेगी और इसके बाद ही वह इन्हें भारत से खरीदने के बारे में समझौता वार्ता शुरू कर सकती है।

भारत अपनी वायुसेना में नई मिसाइल प्रणाली तथा मिसाइल सहित लड़ाकू विमान का ‘आपरेशन’ पहले स्वयं शुरू करेगा और इसके बाद रूस इनका उपयोग प्रारंभ करेगा। भारत ने मिसाइल युक्त लड़ाकू विमान का परीक्षण इस वर्ष गर्मियों में किया था।