भारत और रूस मिलकर पाक आतंकियों को सिखाएंगे सबक

नई दिल्ली ( 31 जनवरी ): भारत और रूस में आतंकवाद से खतरों को लेकर हुई बातचीत में पाकिस्तानी एंगल पर विचार विमर्श हुआ। भारत सीमा पार से वहां की सरकार की ओर से प्रायोजित आतंक के खतरे का सामना कर रहा है इस बात पर सहमति जताई गई। दोनों देशों ने माना कि अफगानिस्तान-पाकिस्तान का क्षेत्र आतंकवाद के केंद्र के तौर पर उभर रहा है।

रूस के उप विदेश मंत्री ओलेग वी सिरोमोलोतोव और विदेश मंत्रालय में सचिव प्रीति शरण ने मंगलवार को यहां राजधानी में उच्चस्तरीय बातचीत की। दोनों देश हालांकि रणनीतिक भागीदार हैं लेकिन कुछ समय से चीन-रूस-पाक के गठजोड़ की रिपोर्ट्स आ रही थीं। तीनों देशों की हाल में मॉस्को में मीटिंग हुई थी, जिसमें अफगानिस्तान में तालिबान के प्रति नरम रुख अपनाने की बात कही गई थी। कुछ वक्त पहले रूस और पाक ने सैन्य अभ्यास भी किया था। इन बातों पर भारत में चिंता जताई गई थी।

सोमवार की बातचीत के बाद यहां विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत और रूस ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आतंकवादियों और उनके संगठनों को प्रतिबंधित करने के नियम का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। बता दें कि भारत आतंकवादी मसूद अजहर का नाम प्रतिबंध वाली सूची में शामिल कराना चाहता है लेकिन पाक की इच्छा के मुताबिक चीन इस पर रोक लगा चुका है। भारत और रूस ने आतंकवाद और कट्टरपंथ से निपटने के सफल अनुभवों पर चर्चा करते हुए भविष्य में इसके लिए जॉइंट ऐक्शन प्लान पर सहमति जताई।