मोबाइल से ट्रांजेक्शन करने वालों के लिए बुरी खबर, बढ़ने वाला है ऑनलाइन फ्राड

नई दिल्ली (12 दिसंबर): नोटबंदी के बाद सरकार कैशलेस व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए ई-पैमेंट की बात कर रही है, लेकिन एसोचैम और अन्‍सर्ट एंड यंग की रिपोर्ट के अनुसार साल 2017 में मोबाइल फ्राड के मामले में 65 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज होने का अनुमान है।

एसोचैम और अन्‍सर्ट एंड यंग (EY) की ओर से की गई रिसर्च के मुताबिक, देश में कम्‍प्‍यूटर और इंटरनेट यूज में आ रही तेजी के साथ मौजूदा समय में करीब 40-45 फीसदी फाइनेंशियल ट्रांजेक्‍शन मोबाइल इंटरनेट के जरिए हो रहे हैं। हालिया सरकारी फैसलों के चलते 2017 तक यह 60 से 65 फीसदी पहुंचने वाला है।

स्‍टडी के मुताबिक, ट्रांजेक्‍शन अभी तक सबसे ज्‍यादा हैकर्स के निशाने पर रहे हैं। ऐसे में अभी तक 40 से 45 फीसदी फाइनेंशियल ट्रांजेक्‍शन कंपनियों के लिए चिंता का सबब रहे हैं। मतलब इस कोई भी मोबाइल सेफ नहीं है। लेकिन जब मोबाइल ट्रांजेक्‍शन बढ़कर करीब 60 से 65 फीसदी जो जाएगा तो माना जा रहा है कि 60 -65 फीसदी ट्रांजेक्‍शन कंपनियों के लिए चिंता का विषय जाएंगे।

माना जा रहा है कि अगले 3 साल के दौरान इसमें करीब 6 गुना की बढ़ोतरी हुई है। ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड के करीब 46 फीसदी मामले इसी से जुड़े हुए हैं, जबकि 39 फीसदी फेसबुक के जरिए होते हैं। वहीं मोबाइल के जरिए 21 फीसदी, ईमेल के जरिए 18 फीसदी और तथा कॉल व एसएमएस के रिए 12 फीसदी फ्रॉड होते। एसोचैम और रिसर्च फर्म EY की ओर से की गई इस स्‍टडी का नाम ‘Strategic national measures to combat cybercrime’ है।