इस मामले में टाॅप पहुंचा भारत, चीन को छोड़ा पीछे

नई दिल्ली ( 20 सितंबर ): भारत ने ग्लोबल रिटेल डेवलपमेंट इंडेक्स में चीन को पछाड़ते हुए टॉप रिटेल डेस्टिनेशन का तमगा हासिल कर लिया है। भारत को हाल के दौर में किए गए इकोनॉमिक रिफॉर्म्स का खासा फायदा मिला है। इंडिया रिटेल फोरम 2017 में एटी कियर्ने में पार्टनर सुभेंदु राय ने इस बात की जानकारी दी।

सुभेंदु राय के अनुसार 4 मुख्य वजहों से भारत टॉप रिटेल डेस्टिनेशन के तौर पर सामने आया। इनमें जरूरत से ज्यादा उपभोक्ता खर्च, मोबाइल और इंटरनेट का बढ़ता इस्तेमाल, विदेशी निवेश के लिए अनुकूल माहौल, कैशलेस और GST को लेकर लिए गए साहसी फैसले शामिल हैं। इन वजहों से भारत में ग्लोबल ब्रांड्स की आसान और पारदर्शी एंट्री सुनिश्चित हो सकी।

इंडिया रिटेल रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 12-15 महीनों के दौरान भारत में थाईलैंड की सायम मैक्रो, मेट्रो, वालमार्ट और बुकर का 100 प्रतिशत कैश एंड कैरी ऑपरेशन भारत में संभव हुआ है। इसके अलावा स्वीडन फर्नीचर मेकर आइकिया की इसी साल पुणे में अपना डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर शुरू करने की योजना है और हैदराबाद में 2018 में अपना पहला स्टोर खोलेगी। आइकिया की कुल 1.56 अरब डॉलर का निवेश से भारत में 25 स्टोर खोलने की योजना है। 

स्टडी के मुताबिक दुनियाभर के मिड साइज ब्रांड भी भारत की उदार बनाई गई रिटेल पॉलिसी को भुनाने के मूड में हैं। कोरस, मिगाटो, वॉलस्ट्रीट इंग्लिश, पास्ता मेनिया, लश एडिक्शन, मेलटिंग पॉट, योगर्ट लैब, इवसू और मोनालिसा 30 से 50 करोड़ डॉलर के निवेश से 2,500-3000 स्टोर खोलेंगी। भारत के रिटेल सेक्टर में वैश्विक कंपनियों की भागीदारी बढ़ने से जहां सेक्टर का तेज से विकास होगा। साथ ही सेक्टर ज्यादा ऑर्गनाइज्ड और कॉम्पिटीटिव बनेगा। इससे उपभोक्ताओं को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं भी मिलेंगी।