टी20 मुकाबलों में भारत पिछले साढ़े तीन साल से ऑस्ट्रेलिया से नहीं हारा

नई दिल्ली (25 मार्च) : भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 27 मार्च को मोहाली में टी20 विश्वकप का जो मुकाबला होना है वो भारत के लिए 'करो या मरो' की स्थिति वाला है। कागज़ पर कोई टीम कितनी भी स्ट्रॉन्ग क्यों ना हो लेकिन मैच वाले दिन कोई टीम कैसा परफॉर्म करती है, उसी पर नतीजा निर्भर करता है।

-अतीत में ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच हुए टी20 मुकाबलों पर नज़र डाली जाए तो अभी तक भारत का पलड़ा भारी है। दोनों देशों के बीच हुए 12 मैचों में से 8 में भारत ने जीत हासिल की है।

-भारत पिछले 5 टी20 मैचों में ऑस्ट्रेलिया से नहीं हारा।

-भारत आखिरी बार ऑस्ट्रेलिया से सितंबर 2012 में हारा था यानि पिछले साढ़े तीन साल से भारत का ऑस्ट्रेलिया पर जीत का रिकॉर्ड बरकरार है।

- इसी साल ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारत ने टी20 सीरीज में ऑस्ट्रेलिया का 3-0 से सफाया किया था। जबकि उससे ठीक पहले वनडे सीरीज में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 4-1 से हराया था।  

आंकड़े बेशक भारत के पक्ष में है लेकिन मौजूदा टूर्नामेंट में कई चीज़ें हैं जो टीम इंडिया के चैंपियन जैसे प्रदर्शन को लेकर सवालिया निशान लगा रही हैं। मसलन रोहित शर्मा और शिखर धवन की जोड़ी अभी तक टूर्नामेंट में ऐसा स्टार्ट देने में सफल नहीं हो सकी है, जिसके लिए वो जानी जाती रही है।

अभी तक सिर्फ पाकिस्तान के ख़िलाफ़ ही टीम इंडिया इस टूर्नामेंट में प्रभावशाली  प्रदर्शन कर सकी है। वरना जिस तरह वो न्यूज़ीलैंड से हारी और बांग्लादेश से कांटे के मुकाबले में जीत हासिल कर सकी, उससे कहीं ऊपर उठकर ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ मुकाबले में टीम इंडिया को प्रदर्शन करना होगा।