नेपाल के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए आसान ऋण देगा भारत

नई दिल्ली (5 मार्च): भारत के वित्त मंत्री अरुण जेटली ने नेपाल को उच्च व्यापार घाटे के मुद्दे पर निर्यातोन्मुखी उद्योगों में अधिक भारतीय निवेश आकर्षित कर अपने निर्यात बास्केट को बढ़ाने की सलाह देते हुये कहा है कि नेपाल में नये बुनियादी ढांचे के विकास के लिए भारत अधिक आसान ऋण देने के लिए तैयार है। यहां दो और तीन मार्च को आयोजित दो दिवसीय नेपाल निवेश सम्मेलन-2017 में भाग लेने आये  जेटली ने नेपाल की राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी और प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल‘प्रचंड’से भी मुलाकात की। उन्होंने नेपाल के उप प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री कृष्ण बहादुर महरा और उद्योग मंत्री नबिन्द्र राज जोशी के साथ भी बैठक की। उन्होंने पशुपति मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।

द्विपक्षीय बैठकों में जेटली ने सामाजिक आर्थिक वृद्धि की आकांक्षाओं को पूरा करने में नेपाल के साथ भागीदारी की भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया और कहा कि भारतीय सहायता से कई एकीकृत जांच चौकी, रेल भलक, हुलाकी सडक़, स्कूल और स्वास्थ्य केन्द्रों के निर्माण किये गये हैं और भारत नयी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए अधिक आसान ऋण उपलब्ध कराने के लिए तैयार है जिससे नेपाल को तेजी से वृद्धि करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि अपर करनाली और अरुण-तृतीय जैसी बिजली परियोजनाओं को जल्दी पूरा कर नेपाल भारत को बिजली निर्यात कर सकता है। इन परियोजनाओं में देरी के कारक बने वन भूमि और भूमि अधिग्रहण के मामलों को जल्द से जल्द सुलझाने का आग्रह भी किया।