भारत ने यूएन के सामने उठाया बलूचिस्तान का मुद्दा

नई दिल्ली (14 सितंबर): भारत ने युनाइटेड नेशंस में के समक्ष पहली बार बलूचिस्तान का मुद्दा रखा। यूएन ह्यूमन राइट्स काउंसिल के 33वें रेगुलर सेशन में पाकिस्तान के बयान के जवाब में भारत ने यह मामला उठाया है।

भारत ने कहा, 'बेहतर होगा कि पाकिस्तान अपनी ऊर्जा पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में मानवाधिकार के हालात सुधारने में खर्च करे। पाकिस्तान की पहचान तानाशाही, लोकतांत्रिक मूल्यों की कमी और बलूचिस्तान समेत पूरे देश में मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों से होती है।'

यूएन में भारत के स्थाई प्रतिनिधि और राजदूत अजीत कुमार ने कहा, 'मैंने यह साफ कर दिया कि पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा हैं। सिर्फ पाक की ओर से गैरकानूनी ढंग से कब्जा किए गए हिस्से को खाली कराना बाकी है।'

अजीत कुमार के मुताबिक, 'भारत शासित कश्मीर जैसे जुमले का प्रयोग बनावटी है। हमारा जम्मू-कश्मीर जोकि भारत का अभिन्न हिस्सा है, वह पीओके के उलट हमारे लोगों के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व करता है। मैंने अपने बयान में पाकिस्तान की ओर से सीमा के पार भेजे जाने वाले आतंकवादियों की समस्या उठाई। ये आतंकवादी भीड़ में शामिल हो जाते हैं। हम इनसे निपटने की कोशिश कर रहे हैं।'