तिब्बत में चीन के अत्याचार पर चुप नहीं है भारत: सुषमा स्वराज


नई दिल्ली ( 27 जुलाई ): केंद्र सरकार ने गुरुवार को कहा कि तिब्बत के लोगों की परेशानियों और उनकी पीड़ा पर भारत मूकदर्शक नहीं बना हुआ है  और भारत चीन के सामने इस मामले को उठाता है।सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में कहा कि अरुणाचल प्रदेश राष्ट्र का अभिन्न अंग हैं और राज्य के लोगों के लिए चीन द्वारा नत्थी वीजा जारी किए जाने का मुद्दा दृढ़ता और मुखरता के साथ सभी द्विपक्षीय मंचों पर उठाया जाता है।

तिब्बत से जुड़े घटनाक्रम को लेकर आज राज्यसभा में चिंता जताए जाने के बीच विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि भारत इस संबंध में मूकदर्शक नहीं बना हुआ है और सरकार देश के हितों को नुकसान पहुंचाने वाले विषयों को तुरंत उठाते हुए विरोध दर्ज कराती है। उन्होंने कहा कि मतभेद वाली बातों को हम तुरंत बताते हैं।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा कि चीन के शीर्ष अधिकारियों के साथ अरुणाचल प्रदेश के लोगों के लिए नत्थी वीजा जारी करने का मुद्दा मजबूती के साथ उठाया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन के नेतृत्व के साथ सभी मुलाकातों में यह मुद्दा उठाया गया है। इसके अलावा विदेश मंत्री स्तर पर भी यह मुद्दा समय-समय पर उठाया जाता है।

एक अन्य सवाल के जवाब में भारतीय हितों के लिए सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि तिब्बत के धर्मगुरु दलाई लामा ने कई बार अरुणाचल प्रदेश की यात्रा की है और हाल में ही वह छठी बार तवांग गए थे।