हिंदुस्तान में ट्रेन उड़ाने की बड़ी साज़िश!

इंद्रजीत सिंह/प्रशांत देव, नई दिल्ली (13 फरवरी): कानपुर ट्रेन हादसे को 2 महीने से ज्यादा का वक्त बीत चुका है। 153 बेगुनाहों की मौत का इंसाफ अभी होना बाकी है, लेकिन एक बार फिर देश के अंदर ट्रेन को उड़ाने की ख़तरनाक साज़िश रची जा रही है। रेलवे ट्रैक पर ज़िंदगी छीनने वाला खिलवाड़ हो रहा है। मुंबई के पास रेलवे ट्रैक पर जो कुछ हुआ उसे सुनकर आपके पैरों के नीचे से ज़मीन खिसक जाएगी।

अगर ट्रेन के ड्राइवर और आसपास के लोगों का ध्यान इस तरह न जाता तो एक बार फिर सैकड़ों ज़िंदगियां खतरे में पड़ सकती थी। तीन दिनों में रेलवे ट्रैक से छेड़छाड़ की तीन घटनाएं सामने आयी हैं जिसमें दो जगहों पर ट्रैक पर बड़ा लोहे का टुकड़ा मिला है तो एक जगह जिलेटिन की छड़ बरामद हुई है।

पाकिस्तान की 'छुकछुक' वाली साज़िश...

- दिवा-पनवेल ट्रैक पर जिलेटिन की छड़ मिलने से हड़कंप मच गया

- दिवा-पनवेल ट्रैक पर ही पटरी का 15 फुट लम्बा हिस्सा पड़ा मिला

- पनवेल-उरन रेल ट्रैक पर 6 फुट लम्बा लोहे का टुकड़ा मिला

- इससे पहले मुंब्रा के पास ट्रैक पर बड़ा लोहे का टुकड़ा मिला था

आप ये जानकर हैरान रह जाएंगे कि आरपीएफ, स्थानीय पुलिस और एटीएस के 100 से ज्यादा जवान लगातार उन लोगों की तलाश में लगे हुए हैं जिन्होंने रेलवे ट्रैक के साथ छेड़छाड़ की है, लेकिन अब तक एक भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। रेलवे के मुताबिक रेलवे ट्रैक के पास लोहे के कई बड़े टुकड़े पड़े हैं, लेकिन कॉन्ट्रैक्टर उसे उठा नहीं रहे। साथ ही पेट्रोलिंग से भी उन्हें मदद नहीं मिल पा रही।

कानपुर रेल हादसे में सीधे तौर पर आईएसआई का नाम सामने आ रहा है। आईएसआई ने दाऊद के गुर्गों की मदद से इतने बड़े हादसे को अंजाम दिया। ऐसे में इसे भी पाकिस्तानी साज़िश से जोड़कर देखा जा रहा है। रेलवे ट्रैक पर बम धमाकों और ट्रैक के साथ छेड़छाड़ के मामलों से भारतीय रेल को तो नुकसान हो ही रहा है। साथ ही सैकड़ों यात्रियों की जान भी जा रही है। ऐसे में रेलवे ने भी एक रिपोर्ट तैयार की है।

इस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में भी रेलवे ने माना है कि ज्यादातर वारदातों में किसका हाथ है ये अब तक साफ नहीं हो पाया है, लेकिन कानपुर रेल हादसे में आईएसआई के सबूत मिलने के बाद इस बात की आशंका काफी बढ़ गई है कि पाकिस्तान भारत में रेल हादसों करवाकर लोगों की जान लेना चाहता है।

रेलवे की रिपोर्ट के मुताबिक...

- 2015 से फरवरी 2017 तक कुल 14 बम धमाके हुए

- 2015 से फऱवरी 2017 तक ट्रैक से छेड़छाड़ की 7 घटनाएं हुईं

- 2015 से फरवरी 2017 तक आतंकियों ने ट्रैक पर तोड़फोड़ की 49 घटनाओं को अंजाम दिया

आशंका जताई जा रही है कि आएसआई रेल में कोई बड़ी वारदात को अंजाम देने की साजिश तो नहीं कर रहा है। इसी मकसद से ये रिपोर्ट तैयार की गई है। अब हर उस वारदात को जांच के दायरे में लाया जा रहा है, जिसके बारे में ये जानकारी नहीं है कि आखिर उसे किसने अंजाम दिया।