आतंकी मसूद अजहर के बाद अब पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट कराने की तैयारी में भारत

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (3 मई): विश्व शांति के लिए पाकिस्तान खतरा बन गया है। पाकिस्तान दुनियाभर के आतंकियों के लिए सुरक्षित पनाहगार है। दुनिया भर में कहीं भी आतंकी वारदात हो उसके तार पाकिस्तान से जुड़ते ही जुड़ते हैं। पाकिस्तान की विदेश नीति उसके आतंकियों के इर्द-गिर्द घुमती है और पाक खुफिया एजेंसी ISI और सेना की इन आतंकियों को समर्थन हासिल है। पाक खुफिया एजेंसी ISI और सेना के इशारे पर ये आतंकी नापक हरकते करते हैं और जघन्य वारदात को अंजाम देते हैं। अब दुनियाभर के तमाम देश पाकिस्तान की इन शैतानी हरकतों को समझने लगा है। इसी कड़ी में भारत की कोशिशों के बाद चीन समेत दुनियाभर के तमाम देशों की सहमति के बाद संयुक्त राष्ट्र संघ ने पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को दुनियाभर के लिए खतरा मानते हुए वैश्विक आतंकी यानी ग्लोबल टेररिस्ट घोषित कर दिया।आतंकी मसूद अजहर पर नकेल मात्र से भारत की दुनिया की अतंकवाद के खिलाफ लड़ाई खत्म नहीं हो जाती। आतंकवाद को खत्म करने के लिए उसके जड़ पर चोट जरूरी है। इसी कड़ी में आतंकी मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कराने के बाद भारत अब आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को घेरने की लिए नई रणनीति बनाने में जुट गया है। आतंकी मसूद के बाद अब भारत का अगला कदम पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट कराना है। वित्त मंत्री अरुण जेटली के मुताबिक भारत अंतरराष्ट्रीय मनी लॉन्ड्रिंग एंड टेरर फाइनेंस वॉचडॉग से पाकिस्तान को उन ब्लैकलिस्ट देशों की सूची में डालने के लिए कहेगा, जो वित्तीय अपराध रोकने में अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा नहीं कर पाते हैं। टेरर फंडिंग पर नजर रखने वाली वैश्विक संस्था फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स ने पहले ही पाकिस्तान को अपनी ‘ग्रे लिस्ट’ में रखा है।इस लिस्ट में उन देशों को रखा जाता है जो मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग पर अंकुश लगाने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाते हैं। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि ‘हम चाहते हैं कि पाकिस्तान एफएटीएफ लिस्ट में नीचे हो। पेरिस स्थित एफएटीएफ की बैठक अगले कुछ दिनों बाद होनी है और भारत तब इसको लेकर अनुरोध करेगा।’ भारत की इस योजना के बार में पाकिस्तान को भी आभास हो चुका है, यही वजह है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पिछले महीने कहा था कि भारत चाहता है कि पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट किया जाए, जिसके बाद प्रतिबंध लग सकते हैं।