पाकिस्तान को भारत इस तरह देगा उरी हमले का जवाब

नई दिल्ली (19 सितंबर): उड़ी में आर्मी कैंप पर हमले के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस घोषणा के बाद कयासों का दौर शुरू हो गया है कि भारत के पास क्या विकल्प हैं जिन्हें मौजूदा हालात में आजमाया जा सकता है। 

सर्जिकल स्ट्राइकः

- पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में चल रहे आतंकी शिविरों में घात लगाकर हमला या सर्जिकल स्ट्राइक्स एक ऐसा विकल्प है जिसके बारे में बात की जा रही है। लेकिन जानकारों का कहना है कि इसके नतीजे खतरनाक हो सकते हैं।  

 पाकिस्तान की फौजी चौकियों पर हमलाः

- नियंत्रण रेखा के पार मौजूद पाकिस्तान की फौजी चौकियों और बंकरों पर भारी गोलीबारी करना भी एक रणनीतिक उपाय हो सकता है। इसमें दुश्मन के गश्ती दल को निशाना बनाया जाता है। 

-पहले भी इस तरीके को कई बार आजमाया जा चुका है। एक विशेषज्ञ ने कहा, दूसरी तरफ से जवाबी कार्रवाई होगी लेकिन इससे निपटा जा सकता है।

ब्रह्मोस मिसाइल का इस्तेमालः 

पाकिस्तान के वो फौजी ठिकाने जो दूर हैं, उन पर हमले के लिए 90 किलोमीटर तक मार करने वाले स्मर्च रॉकेट या फिर 290 किलोमीटर तक मार करने वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल काम में आ सकती है। 

- मिराज-2000, जगुआर और सुखोई-30 के जरिए सर्जिकल एयर स्ट्राइक किए जा सकते हैं। इनमें लेजर टेक्नॉलजी से निशाना लगाकर 'स्मार्ट बम' या क्लस्टर बम टारगेट पर गिराये जा सकते हैं। 

- लेकिन इस कार्रवाई को सावधानी से अंजाम देना होगा क्योंकि पाकिस्तान की वायु सुरक्षा प्रणाली पूरी तरह से भारत केंद्रित है। दुश्मन की जवाबी कार्रवाई में भारतीय वायु सेना को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

ऑपरेशन पराक्रम -II:

- सरकार पाकिस्तान से लगे बोर्डर पर फौज की तैनाती बढ़ा सकती है। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने भी साल 2001 में संसद पर आतंकी हमले के बाद ऐसा किया था। 

- नियंत्रण रेखा पर मौजूद फौज और पश्चिमी मोर्चे पर तैनात एयर फोर्स को किसी इमर्जेंसी से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर कर दिया गया था। 

पाकिस्तान को आइसोलेट करनाः 

- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय मीटिंग में पहले ही इसे मंजूरी दी जा चुकी है। भारत हर वह मुमकिन कोशिश करेगा जिससे दुनिया के मोर्चे पर पाकिस्तान अलग-थलग पड़ जाए। 

- उड़ी अटैक में जैश-ए-मोहम्मद की संलिप्तता के सबूत भारत हर अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर रखेगा। जैश-ए-मोहम्मद अपनी कारगुजारियों को पाकिस्तान की जमीन से अंजाम देता है। 

- यह एक दीर्घकालीन नीति है जिसे निकट भविष्य में पाकिस्तान नहीं मानने वाला है। पाकिस्तान दुनिया के कुख्यात आतंकी गुटों का सुरक्षित पनाहगाह बना हुआ है। 

- यह बात हर किसी को मालूम है और इसके सबूत भी हैं। इसलिए वैश्विक मोर्चे पर और ज्यादा शर्मिंदगी से भी बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ने वाला है।

- सबसे महत्वूपूर्ण बात यह है कि परमाणु हथियार से लैस पड़ोसी देश से निपटना बहुत मुश्किल है जो अमन के साथ रहने से इनकार करता हो। 

- उत्तर कोरिया का मामला सबके सामने है। दक्षिण कोरिया, जापान और यहां तक कि चीन और अमेरिका भी उसकी ब्लैकमेलिंग से परेशान हैं।