पाकिस्तान के लिए खौफ़ का दूसरा नाम है अजीत डोवल

नई दिल्ली (31 दिसंबर): जिसके नाम से पाकिस्तान कांपता है। जिसे पाकिस्तानी मीडिया हिंदुस्तान का जेम्स बॉन्ड कहती है। जो पाकिस्तान के लिए खौफ़ का दूसरा नाम है। वो है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राइट हैंड और हिंदुस्तान का वज़ीर अजित डोवल।

अजित डोवल हिंदुस्तान के दुश्मनों को ईंट का जवाब पत्थर से देना जानते हैं। दुश्मन को उसके घर में घुसकर मारने में डोवल को जवाब नहीं। लंबे समय से डोवल एलओसी के पार जाकर आतंकियों के सफाए के प्लान पर काम करते रहे हैं और 2016 में अजित डोवल ने इस काबिलियत के दम पर देश का दिल जीत लिया।

देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवल आईबी के मुखिया भी रहे हैं। इन्होंने सीक्रेट एजेंट के रूप में पाकिस्तान में सालों गुजारे हैं। पाकिस्तान की हर कमजोरी डोवल को पता है। देश की सुरक्षा के लिहाज़ से प्रधानमंत्री के सबसे भरोसेमंद अजित डोवल ही हैं। पीएम मोदी ने पिछले दिनों जब अफगानिस्तान के दौरे से लौटते वक्त अचानक पाकिस्तान जाने का फैसला किया तो एनएसए अजित डोवल साए की तरह उनके साथ थे।

पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ से मुलाकात में भी वे पीएम मोदी के साथ खड़े थे। चाहे मोस्टवांटेड आतंकी दाऊद इब्राहिम को भारत को सौंपने को लेकर पाक पर दबाव बढ़ाना हो, या फिर देश भर में आईएसआईएस और आईएम से लेकर तमाम आतंकी संगठनों के स्लीपर सेल के नेटवर्क को समय रहते नाकाम बनाना हो, अजित डोवल हर जगह मौजूद रहे। यहां तक कि बलूचिस्तान मुद्दे को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर उठाने के मोदी सरकार के फैसले में भी उनका अहम रोल रहा है।

इस बार पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक में भी अजित डोवल का ही दिमाग़ था। भारत का ये वज़ीर जानता है कि पाकिस्तान के अगले वार पर पलटवार कैसे करना है।