भारत ने लौटाई थी पोस्ट, वहीं से उरी में घुसे आतंकी

नई दिल्ली(21 सितंबर): मेरठ के शेर मेजर रणवीर सिंह ने 1965 की लड़ाई में भारत की झोली में हाजी पीर (अब पाकिस्तान में) की पोस्ट डाल दी थी। मेजर रणवीर रण के असल वीर थे। कई मोर्चों पर उन्होंने दुश्मनों के छक्के छुड़ाए। उनकी वीरता को आज याद करने की दो बड़ी वजह हैं। 

- पहली यह कि आज उनका शहादत दिवस है। 51 साल पहले युद्ध के मैदान में पाकिस्तानियों को पीछे खदेड़ते हुए उन्होंने प्राण न्यौछावर कर दिए थे।

- दूसरी कश्मीर में उड़ी में आर्मी कैंप पर जो आतंकवादी हमला हुआ, वहां तक भारत सेना का कब्जा दिलवाने वाले मेजर रणवीर थे। भारत ने अगर हाजी पीर पोस्ट पाकिस्तान को वापस नहीं की होती तो उरी में दहशतगर्द सेना पर हमला नहीं कर पाते। 

- बागपत जिले के नांगल गांव के मूल निवासी मेजर रणवीर सिंह के अदम्य साहस से सेना वाकिफ है। तब नांगल गांव मेरठ जिले में होता थामेजर रणवीर सिंह की पत्नी सुरेंद्र कुमारी और बेटा डॉ. राजीव सिंह डिफेंस कॉलोनी में रहते हैं।  - उन्होंने पढ़ाई जाट कॉलेज बड़ौत से की। मेजर रणवीर सिंह 1962 और 1965 की लड़ाई लड़ी। 65 की लड़ाई में वह जंग के मैदान में दुश्मनों को पीछे धकेलते हुए 21 सितंबर को शहीद हुए थे। उनकी वीरता की वजह से उन्हें सेना मेडल से नवाजा गया। एक अप्रैल 1964 को मेरठ में 19 पंजाब रेजीमेंट स्थापित की गई। वह यहां रेजीमेंट के पहले कमांडिंग ऑफिसर बने।