चीन के विरोध के बावजूद NSG में  होगी भारत की एंट्री !

वाशिंगटन (27 अगस्त): चालबाज चीन के विरोध का बावजूद भारत की न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप यानी NSG में एंट्री होगी। ट्रंप प्रशासन ने NSG में भारत एंट्री को लेकर अपनी तरह से हलचलें काफी तेज कर दी है। चीन के लगातार अड़ंगे के बाद ट्रंप प्रशासन ने NSG में भारत की एंट्री कैसे हो इस पर संजीदगी से सोच रहा है।

आपको बता दें कि चीन के अंड़गा डालने की वजह से भारत NSG का हिस्सा नहीं बन पा रहा है। व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक अमेरिका NSG में भारत की सदस्यता को बेहद अहम मानता है। लिहाजा ट्रंप प्रशासन भारत की इसमें एंट्री के दूसरे रास्तों पर गंभीरता से विचार कर रहा है। NSG की इस साल जून में हुई बैठक में भारत के आवेदन पर कोई फैसला नहीं हो सका था। हालांकि इस बात पर सहमति बनी कि परमाणु अप्रसार संधि यानी NPT पर हस्ताक्षर नहीं करने वाले देशों को ग्रुप में जगह देने के मसले पर नवंबर में होने वाली बैठक में चर्चा की जाएगी।

गौरतलब है कि चीन NSG का अहम सदस्य है और वो इसी आधार पर हर बार भारत की सदस्यता के रास्ते में अड़ंगा डालता है। इसके लिए चीन भारत के NPT में हस्ताक्षर नहीं करने की दलील देता है। चीन के विरोध के चलते 48 सदस्यों वाले समूह में भारत के प्रवेश की राह कठिन हो गई है।

इस बारे में व्हाइट हाउस के अधिकारी ने कहा कि इस मसले पर जल्द ही बैठक होने वाली है। यह मामला अमेरिका के लिए काफी अहम है। उनका यह जवाब यह पूछे जाने पर आया कि ट्रंप प्रशासन ने भारत की एनएसजी सदस्यता के लिए अब तक क्या कदम उठाए हैं? नाम गोपनीय रखने की शर्त पर उन्होंने कहा, एनएसजी में भारत की सदस्यता का अमेरिका समर्थन करता है।