नेपाल के बहाने भारत ने पाक पर कसा शिकंजा

नई दिल्ली(17 सितंबर): भारत और नेपाल ने आज प्रतिबद्धता जतायी कि वे अपनी भूमि का इस्तेमाल एक दूसरे के खिलाफ करने की कभी इजाजत नहीं देंगे। साथ ही दोनों देशों ने आर्थिक एवं विकास परियोजनाओं की नियमित स्तर पर समीक्षा करने के लिए निगरानी तंत्र गठित करने पर भी सहमति जतायी। 

- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके नेपाली समकक्ष पुष्प कमल दहल ने शुक्रवार को दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में भागीदारी को लेकर बातचीत की। बाद में दोनों पक्षों की ओर से जारी एक संयुक्त बयान में संबंधों को मजबूती देने के विभिन्न ब्यौरे दिये गये। संयुक्त बयान में कहा गया, उन्होंने खुली सीमा सुनिश्चित करने की जरूरत पर बल दिया। यह सीमा के दोनों तरफ के लोगों एवं सामान की आवाजाही एवं संपर्क को सुविधा देता है तथा यह भारत नेपाल के द्विपक्षीय संबंधों की एक अनूठी विशेषता है। असामाजिक तत्व द्वारा इसके ऐसे दुरूपयोग की अनुमति नहीं दी जाये, जो किसी भी पक्ष के लिए सुरक्षा खतरा बन सके। 

- नेपाली पक्ष ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी को लेकर अपना समर्थन दोहराया। बयान में कहा गया, दोनों पक्षों ने एक निगरानी तंत्र कायम करने पर सहमति जतायी जिसमें काठमांडो में भारतीय दूतावास एवं नेपाल सरकार के वरिष्ठ अधिकारी होंगे। यह तंत्र नियमित रूप से मौजूदा आर्थिक एवं विकास परियोजनाओं को क्रियान्वित कर रही अपनी संबंधित एजेंसियों : विकासकर्ताओं के काम की मिलकर समीक्षा करेंगे तथा उनके त्वरित क्रियान्वयन के लिए आवश्यक कदम उठायेंगे।