जेटली ने दिया संकेत, टैक्स दायरा बढ़ाने के लिए आयकर छूट सीमा बढे़गी

नई दिल्ली (26 दिसंबर): नोटबंदी के बाद बैंकों के पास काफी पैसा आ गया है। ऐसे में केंद्र सरकार लोगों को राहत देते हुए और टैक्स की रकम को बढ़ाने के लिए टैक्स का दायरा बढ़ाने की कोशिशें कर रही है। माना जा रहा है कि टैक्स की दरें भी कम कर सकती है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी कहा कि देश में अब वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए निचले दर के टैक्सेशन की जरूरत है।

जेटली ने कहा, 'अब हमें निचले दर के टैक्सेशन की जरूरत है, ताकि हम सेवाओं को अधिक प्रतिस्पर्धी बना सकें। प्रतिस्पर्धा घरेलू नहीं, बल्कि वैश्विक है। आप सेवाओं में एक यही महत्वपूर्ण बदलाव महसूस करेंगे।' वित्त मंत्री ने कहा कि आने वाले दशकों में देश में ऐसा माहौल बनाना होगा कि लोग नियमों के तहत स्वेच्छा से उचित टैक्स भरें।

भारतीय राजस्व सेवा के सीमा शुल्क और केंद्रीय उत्पाद शुल्क के 68वें बैच के अधिकारियों को संबोधन के दौरान जेटली ने टैक्स को लेकर भारतीय जनमानस का जिक्र भी किया। वित्त मंत्री ने कहा, 'पिछले सात दशकों से यह धारणा बनी हुई थी कि सरकारी राजस्व को चूना लगाना कोई अनैतिक बात नहीं। बल्कि, इसे व्यावसायिक सूझबूझ का हिस्सा माना जाता रहा। लेकिन, इस चक्कर कुछ लोगों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़े।'