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सुरक्षाबलों पर ड्रोन से हमला कर सकते हैं नक्सली, देखते ही गोली मारने के निर्देश

क्सलवादी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। नक्सलियों के ड्रोन कब्जाने और उसे उड़ाने की घटना सामने आने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से सुरक्षा बलों को इन्हें देखते ही गोली मारने का फरमान दे दिया है।

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली(17 नवंबर):    नक्सलवादी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे  हैं। क्सलियों के ड्रोन कब्जाने और उसे उड़ाने की घटना सामने आने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से सुरक्षा बलों को इन्हें देखते ही गोली मारने का फरमान दे दिया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। यह नया निर्देश सुरक्षा एवं खुफिया एजेंसियों की केंद्रीय कमान द्वारा दिया गया है। हाल में छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में नक्सल हिंसा से सबसे बुरी तरह प्रभावित सुकमा जिले में सीआरपीएफ शिविर पर ड्रोन या मानव रहित यान मंडराने के मामले सामने आने के बाद यह निर्देश दिया गया है।

सूत्रों ने बताया कि मौके पर तैनात बलों से साझा किए गए आधिकारिक संदेश के मुताबिक, 'लाल और सफेद रोशनी उत्सर्जित करने वाले ड्रोन' पिछले महीने तीन दिनों में कम से कम चार बार किस्ताराम और पालोडी में सीआपीएफ शिविर के पास उड़ते देखे गए। ड्रोन द्वारा होने वाली हल्की आवाज ने शिविर में तैनात जवानों का ध्यान खींचा, जिसके बाद जवानों ने मोर्चा संभाला और नक्सलियों द्वारा गड़बड़ी फैलाने की आशंका को देखते हुए आसपास के शिविरों को सतर्क किया गया।

जब तक साधते निशाना, तब तक गायब हो गए ड्रोन

सूत्रों ने कहा हालांकि सुरक्षा बल जब तक इन ड्रोनों पर लक्ष्य साधकर उन्हें मार गिराते ये छोटे मानवरहित यान आसमान में गायब हो गए। इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद सुरक्षा प्रतिष्ठानों ने मामले की जांच शुरू की। खुफिया एजेंसियां मुंबई के एक दुकानदार के पास पहुंची जिसके बारे में संदेह है कि उसने अज्ञात लोगों को ड्रोन बेचे। ये लोग शायद नक्सली थे।

वहीं, सूत्रों ने कहा कि इस संबंध में जांच जारी है। खुफिया एजेंसियां खास तौर पर दो शिविरों को लेकर चिंतित हैं, जहां ड्रोन देखे गए। यह दोनों शिविर नक्सल प्रभाव वाले इलाके में हैं जहां समुचित सड़क संपर्क नहीं है और नियमित रूप से इसके आसपास सशस्त्र माओवादियों की आवाजाही देखी गई है क्योंकि इस इलाके की सीमा ओडिशा, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के जंगल से सटे इलाकों से लगती है।

माओवादियों तक ड्रोन पहुंचना नई चुनौती

इस गतिविधि से जुड़ी जानकारी रखने वाले एक शीर्ष सुरक्षा अधिकारी ने कहा, 'यह घटनाक्रम गंभीर चिंता का विषय है। माओवादियों द्वारा ड्रोन रखना और उसका इस्तेमाल करना एक नई चुनौती है और सुरक्षा बलों को लंबे समय से इसकी आशंका थी। यह अब सामने आया है।'

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