UN में भारत का नवाज को जवाब, कहा- पाकिस्तान आतंकी स्टेट

नई दिल्ली(22 सितंबर): पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ के यूएन में दिए भाषण में हिजबुल आतंकी बुरहान वानी के महिमामंडन पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। यूएन में भारत के स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी ऐनम गंभीर ने राइट टु रिप्लाई का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया। 

- उन्होंने नवाज शरीफ के कश्मीर में मानवाधिकारों की हिमायत करने पर कहा, 'मानवाधिकारों का सबसे बड़ा उल्लंघन आतंकवाद है। अगर इसका इस्तेमाल देश की नीति के तौर पर होता है तो यह एक युद्ध अपराध है। हमारा देश और पड़ोसी मुल्क आतंकवाद को समर्थन देने से जुड़े पाकिस्तान की लंबे वक्त से चली आ रही पॉलिसी के भुक्तभोगी हैं।'

- गंभीर ने कहा, 'तक्षशिला की धरती आज आतंकवाद की मेजबान बनकर रह गई है। पाकिस्तान के जहरीले अभियान को पूरी दुनिया में महसूस किया जा रहा है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमने आज एक ऐसे देश की ओर से मानवाधिकारों और आत्म निर्भरता का उपदेश सुना है जिसने खुद को ग्लोबल टेररिजम के केंद्र के तौर पर स्थापित किया है। पाकिस्तान एक आतंकवादी मुल्क है, जो अंतरराष्ट्रीय मदद में मिली अरबों की रकम आतंकियों को दे देता है।'

- विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने भी अपने ट्वीट में कहा, 'पाक पीएम शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र के सबसे बड़े मंच पर हिजबुल आतंकी बुरहान वानी का महिमामंडन किया। यह आतंकवाद से पाकिस्तान के लगातार जुड़ाव को दर्शाता है।'

- बता दें कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में बुधवार के अपने भाषण में शरीफ ने कश्मीर का मुद्दा उठाया और वानी को 'युवा नेता' बताया। शरीफ के आरोपों का जवाब देते हुए स्वरुप ने कहा कि बातचीत के लिए भारत की एकमात्र शर्त है कि आतंकवाद खत्म हो।

- स्वरूप ने कहा, 'प्रधानमंत्री शरीफ ने यूएनजीए में कहा कि भारत बातचीत के लिए अस्वीकार्य शर्तें रखता है। भारत की एकमात्र शर्त है कि आतंकवाद खत्म हो।'

- स्वरूप ने जम्मू-कश्मीर के उरी में हुए आतंकी हमले के बारे में जरा सा भी जिक्र न करने को लेकर भी नवाज शरीफ पर निशाना साधा। विकास के मुताबिक, शरीफ उरी में हुए हमले को पूरी तरह खारिज कर रहे हैं। विकास ने कहा, 'इस साल एलओसी पर घुसपैठ की 19 कोशिशों को रोका गया। क्या ऐसा (घुसपैठ) देश के अंदर से हो रहा है?'