भारत ने आतंक पर चीन को कूटनीतिक चाल में फांसा

नई दिल्ली (15 अप्रैल): भारत ने आतंकवाद पर चीन के खिलाफ एक बड़ा कूटनीतिक कदम उठाया है। अगर चीन भारत के इस कदम पर सकारात्मक जवाब नहीं देता है तो वो भी पाकिस्तान की तरह दुनियाभर के सामने नंगा हो जायेगा और अगर भारत के प्रति सकारात्मक रुख रखता है तो फिर पाकिस्तान को दुलत्ती मिलना तय है। दरअसल, भारत सरकार ने अपने यहां सक्रिय आईएसआईएस के गुर्रो की जांच के लिए चीन से मदद मांगी है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कुछ दिनों पहले एक चिट्ठी लिखकर आईएसआईएस के गुर्गे अरीब मजीद के मामले की जांच के सिलसिले में मदद मांगी है। एनआईए ने चीन से मजीद की उसके सीरिया और इराक में मौजूद हैंडलर्स के साथ चैट की जानकारी मांगी थी। मजीद ने 'वीचैट' मेसेजिंग सर्विस के जरिए आईएसआईएस के हैंडलर्स से बातचीत की थी। वी चैट का सर्वर चीन में है। एनआईए ने 2014 से लेकर अब तक आईएसआईएस के 29 सदस्यों को अरेस्ट किया है और अलग-अलग देशों में उनके रिक्रूटरों और हैंडलरों के बारे में जानकारी जुटाई है।

मजीद और उसके हैंडलर ने 'वीचैट' के सर्वर का काफी इस्तेमाल किया था। चूंकि भारत और चीन के बीच कानूनी सहयोग संधि नहीं है, इसलिए उनकी चैट आईडी और बातचीत के बारे में जानने के लिए चीन को लेटर भेजा गया है। अगर चीन भारत को मजीद की कॉल डिटेल्स की जानकारी भारत को देकर वो दिखायेगा कि आतंकवाद पर वो भारत के साथ है तो फिर पाकिस्तान परस्त आतंकियों के खिलाफ अगली बार यूनाईटेड नेशंस में भारत का विरोध नहीं कर पायेगा। और अगर वो भारत की इस संभावित चाल का जवाब नहीं देगा तो दुनिया भर के सामने पाकिस्तान की तरह उसका चेहरा भी आतंकवाद के मामले में बेनकाब हो जायेगा।