भारत को US से मिल सकती है तालिबान को तबाह करने वाली MTCR

नई दिल्ली(6 जून): पांच देशों के दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात अमेरीका के लिए रवाना होंगे। उनके इस दौरे में कई अहम समझौते होने की उम्मीद है। भारत को मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रिजीम (एमटीसीआर) में एंट्री मिल सकती है। इसके चलते भारत दूसरे देशों को अपनी मिसाइल टेक्नोलॉजी दे सकेगा और अमेरीका से प्रीडेटर ड्रोन्स खरीद सकेगा। इसी प्रीडेटर ड्रोन्स मिसाइल टेक्नोलॉजी ने अफगानिस्तान में तालिबान के ठिकानों को तबाह किया था।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसर 7 या 8 जून को एमटीसीआर में भारत को शामिल किए जाने का एलान हो सकता है। एमटीसीआर मेंबरशिप के लिए भारत ने पिछले साल आवेदन किया था, लेकिन कुछ देशों ने इसका विरोध किया था, हालांकि इसे लेकर ओबामा एडमिनिस्ट्रेशन भारत के जबरदस्त सपोर्ट में है।

यही नहीं अमरीका भारत को 3 अन्य एक्सपोर्ट कंट्रोल रिजीम (गुप) में एंट्री दिलाना चाहता है। ये तीन ग्रुप न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (एनएसजी), ऑस्ट्रेलिया ग्रुप और वैसेनार अरेंजमेंट हैं। भारत 12 मई को एनएसजी की सदस्यता के लिए आवेदन कर चुका है, हालांकि चीन और पाकिस्तान भारत की एनएसजी में एंट्री का विरोध कर रहे हैं।

इस दौरे पर पीएम मोदी अमेरीकी कांग्रेस के जॉइंट सेशन को भी संबोधित करेंगे। इस दौरान डिफेंस, सिक्योरिटी, एनर्जी जैसे सैक्टर्स में हुए डेवलपमेंट्स का रिव्यू और डिफेंस सेक्टर और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पर एग्रीमेंट भी होंगे। मोदी अमरीकी कंपनियों के सीईओज से भी मुलाकात करेंगे। गौरतलब है कि पीएम मोदी की अमरीका की यह चौथी विजिट है और राष्ट्रपति ओबामा से सातवीं मुलाकात। ओबामा का दूसरा टर्म जनवरी में खत्म हो रहा है।