भारत-केन्या के बीच 7 करारों पर दस्तखत, सुरक्षा सहयोग के लिए रजामंदी

नई दिल्ली (11 जुलाई): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अफ्रीका दौरे के बाद भारत और केन्या ने अपने संबंधों को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए हैं। इस क्रम में सोमवार को विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को गहरा और विस्तृत करने का फैसला किया। देशों के बीच सात करारों पर हस्ताक्षर किए गए। जिनमें रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में तथा दोहरे कराधान से बचने से संबंधित समझौते शामिल हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, पीएम मोदी ने नैरोबी में केन्याई राष्ट्रपति उहुरू केन्याता के साथ अपनी बातचीत के बाद इस अफ्रीकी देश को चार करोड़ 49 लाख 50 हजार डॉलर की रियायती ऋण सहायता के विस्तार की भी घोषणा की। इसका उद्देश्य लघु और मध्यम उद्योगों और कपड़ा क्षेत्र के विकास में उसकी मदद करना है। भारत, केन्या में एक कैंसर अस्पताल का निर्माण भी करेगा, जिसमें गुणवत्तापरक और रियायती स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। 

पीएम मोदी ने केन्याता से बातचीत के बाद उनके साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "बहुआयामी विकास साझेदारी हमारे द्विपक्षीय संबंधों का मुख्य स्तंभ है।" पीएम ने बताया कि केन्याता और उन्होंने इस बात पर सहमति जताई कि आतंकवाद और कट्टरता दोनों देशों के लिए, क्षेत्र और पूरी दुनिया के लिए समान चुनौती हैं। पीएम ने कहा कि साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में, मादक पदार्थों और नारकोटिक्स तथा मानव तस्करी से लड़ने के क्षेत्र समेत अपनी सुरक्षा साझेदारी को गहन करने के लिए रजामंद हुए। 

रक्षा सहयोग पर हुए एमओयू में कर्मचारियों के आदान-प्रदान, विशेषज्ञता साझेदारी, हाइड्रोग्राफी में प्रशिक्षण, सहयोग और उपकरण आपूर्ति के प्रावधान होंगे। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के सुरक्षा में साझा समान हित हैं, जिनमें समुद्री सुरक्षा शामिल है, क्योंकि हिंद महासागर दोनों को जोड़ता है।