पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिए भारत बना रहा है यह नई रणनीति

नई दिल्ली (29 सितंबर): पाकिस्तान में होने वाले सार्क सम्मेलन में शामिल नहीं होने के फैसले के बाद भारत अब साउथ एशिया में क्षेत्रीय सहयोग का विकल्प तलाश रहा है। इस सिलसिले में सरकार के भीतर सलाह की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके तहत गोवा में 16 अक्टूबर को होने वाली ब्रिक्स-बीआईएमएसटीईसी (BRICS-BIMSTEC) बैठक में अफगानिस्तान और मालदीव को भारत पर्यवेक्षक के तौर बुला सकता है।

सूत्रों ने बताया कि अगर यह संगठन स्थापित हो जाता है, तो पाकिस्तान सार्क को ढाल के तौर पर इस्तेमाल करने में सक्षम नहीं होगा। पाकिस्तान लंबे समय से सार्क के सदस्य देशों के बीच करीबी रिश्ता कायम करने में अड़गा लगाने में जुटा है। लिहाजा, भारत पिछले दो साल से दक्षिण एशिया के बाकी मेंबर्स को एकजुट करने की कोशिश कर रहा है। इस सिलसिले में 2015 में बांग्लादेश-भूटान-नेपाल-इंडिया (बीबीआईएन) मोटर वीइकल्स अग्रीमेंट हुआ। साथ ही, हाल में ढाका-दिल्ली कार्गो ट्रक का ट्रायल हाल में हुआ।

सूत्रों ने बताया कि सार्क को सफलतापूर्वक चलाने में पाकिस्तान सबसे बड़ी बाधा है। चाबहार पोर्ट पर भारत, ईरान और अफगानिस्तान के बीच त्रिपक्षीय समझौते और पोर्ट के एक्सपैंशन पर भारत-ईरान के बीच डील से पाकिस्तान को नजरअंदाज कर भी भारत का संपर्क अफगानिस्तान से मुमकिन होगा। इसी तरह, अफगानिस्तान भी पाकिस्तान गए बगैर भारत पहुंच सकेगा। पाकिस्तान के ट्रांजिट राइट्स नहीं देने पर अड़ने के बाद भारत और अफगानिस्तान जॉइंट एयर कॉरिडोर बनाने की तैयारी में भी हैं।

भारत और बांग्लादेश सड़क, रेल, नदी, हवाई और समुद्री रूट के जरिये दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए कई प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। इसका मकसद दोनों देशों के बीच लोगों का संपर्क और बिजनेस पार्टनरशिप बढ़ाना है। इसी तरह, नेपाल और भारत 2014 से दिल्ली-काठमांडू बस सर्विस से जुड़े हैं।

मई 2014 में सत्ता संभालने के बाद से रीजनल इंटीग्रेशन मोदी सरकार की प्राथमिकता रही है। गोवा में 16 अक्टूबर को ब्रिक्स-बीआईएमएसटीईसी (BRICS-BIMSTEC) देशों की बैठक में मोदी ने बीआईएमएसटीईसी ग्रुप के 6 नेताओं को भी आमंत्रित किया है। श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरीसेना, बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना, भूटान के पीएम, म्यांमार की स्टेट काउंसिलर आन सांग सू की के अलावा नेपाल और थाईलैंड के टॉप नेता भी ब्रिक्स-बीआईएमएसटीईसी बैठक में हिस्सा लेंगे।