इस्लामिक सहयोग संगठन को भारत की दो टूक- कहा- हमारे आंतरिक मामलों में न दें दखल

नई दिल्ली(16 सितंबर): भारत ने ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कॉपरेशन को भारत के आंतरिक मामलों के दूर रहने की सलाह दी है। शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र में भारत ने दृढ़ता और स्पष्ट रूप से अपना पक्ष रखा।  

- भारत ने संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर के मुद्दे पर अपना पक्ष रखते हुए ये बात कही। चूंकि पाकिस्तान ओआईसी का सदस्य है और वह समय-समय पर इस्लामिक संगठन की मदद से कश्मीर मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र में उठाता रहता है। 

- भारत ने पाकिस्तान के इस कदम की निंदा की है और ओआईसी को भारत के आंतरिक मामलों से दूर रहने की सलाह दी है। यूएन में भारत के सेक्रेटरी सुमित सेठ ने कहा कि ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कॉपरेशन को भारत के मामले में बोलने का अधिकार नहीं है। हम ओआईसी को कड़े शब्दों में सलाह देते हैं कि वह भविष्य में ऐसी कोई हरकत दोबारा न करे। 

- सेठी ने यह बात राइट ऑफ रिप्लाई के तहत कही। इससे पहले पाकिस्तान ने ओआईसी का हवाला देते हुए कश्मीर में हिंसा और मानवाधिकार की बात उठाई थी। सेठी ने कहा कि ओआईसी ने जो बयान दिया है, उसमें जम्मू-कश्मीर से जुड़े कई तथ्य गलत हैं और भ्रमित करने वाले हैं। भारत इस तरह के किसी भी बयान को खारिज करता है। जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा। 

- बता दें कि इस्लामी सहयोग संगठन 57 देशों का एक संगठन है। जो इस्लामिक देशों के मध्य सभी विषयों में सहयोग को प्रोत्साहित करता है। इसका मुख्यालय जेद्दा, सऊदी अरब में स्थित है। इसकी आधिकारिक भाषा फ्रेंच, अंग्रेजी और अरबी है।